जब ललित बाबू के भोज में राज कपूर से मिले थे बंशी लाल, फिर तो गजब हुआ

नई दिल्ली। बिहार के रहने वाले ललित नारायण मिश्र कांग्रेस के बहुत बड़े नेता था। उनकी गिनती इंदिरा गांधी के विश्वस्त सहयोगियों में होती थी। वे पहली और दूसरी लोकसभा के सदस्य थे। फिर 1964 से 66 तक राज्यसभा में रहे। इसके बाद 1966 से 1972 तक वे फिर राज्यसभा के सदस्य रहे। 1971 में पांचवीं लोकसभा के लिए चुनाव हुआ था। इस चुनाव में दरभंगा सीट से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता विनोदानंद झा चुने गये थे। लेकिन उनका जल्द ही निधन हो गया। दरभंगा में 1972 में उपचुनाव हुआ। इस बार कांग्रेस ने ललित नारायण मिश्र को दरभंगा से खड़ा किया। वे चुनाव जीत कर लोकसभा पहुंचे। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें फरवरी 1973 में रेल मंत्रालय की अहम जिम्मेवारी दी। इंदिरा गांधी ने उनको प्रमोशन देते हुए कैबिनेट मंत्री बनाया था।

ललित नारायण मिश्र के घर पार्टी में आये थे राज कपूर

ललित नारायण मिश्र के घर पार्टी में आये थे राज कपूर

ललित नारायण मिश्र सांस्कृतिक अभिरुचि के आदमी थे। उनका फिल्म अभिनेताओं से भी परिचय था। जब ललित नारायण मिश्र रेल मंत्री थे तब उनके सरकारी बंगले पर एक भोज का आयोजन किया गया था। इस भोज में राजनीतिज्ञों के साथ-साथ मशहूर फिल्म अभिनेता राज कपूर को भी आमंत्रित किया था। उनदिनों हरियाण के बंशी लाल भी इंदिरा गांधी के निकट सहयोगियों में एक थे। इस भोज में बंशीलाल भी शामिल थे। उन दिनों राज कपूर भारत की महान हस्तियों में शामिल थे। ललित नारायण मिश्र इस बात से बहुत खुश थे कि उनकी पार्टी में राज कपूर जैसे एक्टर आये हैं। वे अपना प्रभाव जमाने के लिए राज कपूर को विभिन्न मेहमानों से मिलवा रहे थे। इसी क्रम में वे राज कपूर को लेकर बंशीलाल के पास पहुंचे। फिर तो जो हुआ उसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।

जब राज कपूर से मिले बंशी लाल

जब राज कपूर से मिले बंशी लाल

ललित नारायण मिश्र, राज कपूर को लेकर बड़े उत्साह के साथ बंशी लाल के पास पहुंचे। ललित बाबू को लगता था कि बंशी लाल, राज कपूर को देख कर उछल पड़ेंगे। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। राज कपूर बंशी लाल के पास खड़ा रहे लेकिन उन्होंने उनकी तरफ देखा भी नहीं। बंशी लाल, ललित बाबू से उम्दा भोज के बारे में बातें करते रहे। यह देख कर ललित बाबू सकपका गये। अंत में उन्हें कहना पड़ा, बंशीलाल जी, इनसे मिलिए ये हैं राज कपूर। तब बंशीलाल ने राज कपूर से हाथ मिलाया और कहा, अच्छा-अच्छा आपका तो फरीबाद में बिजनेस है। ये सुन कर राज कपूर ने कहा, नहीं- नहीं मेरा फरीदाबाद में कोई बिजनेस नहीं है। फिर बंशीलाल ने पूछा, तो आप काम क्या करते हैं ? राज कपूर ने शालिनता से उत्तर दिया, जी मैं फिल्मों में काम करता हूं। इतने पर भी बंशीलाल नहीं रुके, उन्होंने कहा, ओह, आप नौटंकी में काम करते हैं। इस बात से राज कपूर असहज हो गये। ललित नारायण मिश्र नजदीक ही खड़े थे। वे दोनों की बातें सुन रहे थे। जब उन्हें लगा कि शायद राज कपूर कुछ बुरा मान गये तो उन्होंने माहैल को ठंडा करने के लिए जोर का ठहाका लगाया और कहा, हद कर दी बंशी जी आपने, आप भारत के इतने बड़े एक्टर और डायरेक्टर को भी नहीं जानते ? आप जरूर राज सहब से मजाक कर रहे थे। फिर तो पार्टी में मौजूद सभी लोग हंसने लगे। जब राज कपूर के होठों पर भी मुस्कान आयी तब जा कर ललित बाबू के जान में जान आयी।

 बंशीलाल ने क्यों किया ऐसा ?

बंशीलाल ने क्यों किया ऐसा ?

कानपुर के रहने वाले और 1956 बैच के आइएएस रहे एस के मिश्र बंशीलाल के सचिव थे। बंशी लाल एसके मिश्र पर तब से भरोसा करते थे जब वे हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। बंशीलाल जब केन्द्रीय मंत्री बने तो एस के मिश्र को भी अपने साथ लेते गये। वे हमेशा बंशीलाल के साथ रहते थे। ललित बाबू के भोज में भी वे बंशी लाल के साथ थे। एस के मिश्र ने एक साक्षात्कार में इस भोज के पूरे वाकये तो बताया था। बंशीलाल अख्खड़ , सख्त मिजाज रुखा बोलने वाले आदमी थे। उनको राजनीति के अलावा किसी और चीज में कोई दिलचस्पी नहीं थी। फिल्मों के बारे में तो बिल्कुल भी नहीं। तड़कभड़क वाली पार्टियों वे दूर ही रहते थे। बंशीलाल ने अपने जीवन में केवल एक ही फिल्म देखी थी- डॉक्टर कोटनिश की अमर कहानी। ये गंभीर फिल्म थी। वे सचमुच राज कपूर को नहीं पहचानते थे।

पढ़ें- लोकसभा चुनाव 2019 की विस्तृत कवरेज

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+