शशि थरूर के मौसी-मौसा बोले, 'हम तो पहले से BJP में थे, फिर ये शामिल करने का तामझाम क्यों?'
'हम तो पहले से BJP में थे, फिर ये शामिल करने का तामझाम क्यों?'
नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक दलों के बीच आया राम-गया राम का खेल शुरू हो गया है। इसी कड़ी में कांग्रेस के दिग्गज नेता और लोकसभा सांसद शशि थरूर के मौसी और मौसा शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो गए। हालांकि शशि थरूर के मौसी-मौसा को पार्टी में शामिल करते समय भाजपा को असहज स्थिति का भी सामना करना पड़ा। दरअसल भाजपा में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि वो पहले से ही भगवा पार्टी के समर्थक रहे हैं। आपको बता दें कि इससे पहले गुरुवार को ही कांग्रेस के प्रवक्ता और सोनिया गांधी के करीबी माने जाने वाले नेता टॉम वडक्कन भाजपा में शामिल हुए थे। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई थी।

'हम तो लंबे समय से भाजपा के समर्थक'
शुक्रवार को आयोजित समारोह में शशि थरूर की मौसी शोभना शशिकुमार और उनके पति शशिकुमार ने भाजपा में शामिल होते हुए कहा, 'वो लंबे समय से भाजपा के समर्थक रहे हैं और आश्चर्य है कि उन्हें पार्टी में शामिल करने के लिए ऐसा समारोह क्यों आयोजित किया गया।' अलग-अलग पृष्ठभूमि के 14 नए सदस्यों का स्वागत करते हुए भाजपा के केरल अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई ने कहा के ये लोग कोच्चि की क्रीम हैं। पीएस श्रीधरन पिल्लई ने पलक्कड़ जिले में थरूर के परिवार की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की सराहना की और कहा कि इस तरह की पृष्ठभूमि के लोगों का भाजपा में स्वागत है।

भाजपा के नेता क्या बोले?
पत्रकारों ने जब शशि थरूर के रिश्तेदारों से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि वे लोग तो लंबे समय से भाजपा के समर्थक थे और पता नहीं क्यों उनका स्वागत करने के लिए इस तरह के समारोह का आयोजन किया गया। दोनों ने कहा कि मीडिया को भाजपा के नेताओं से इस बारे में सवाल पूछने चाहिएं कि उन्होंने ये आयोजन क्यों किया। वहीं, इस बारे में बात करते हुए एर्नाकुलम जिले के भाजपा महासचिव केएस शिजू ने कहा कि समारोह का आयोजन नए लोगों को पार्टी की सदस्यता देने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि थरूर के रिश्तेदार भाजपा के समर्थक के तौर पर पार्टी के विभिन्न समारोहों में शामिल हुए हों, लेकिन उन्हें पार्टी की सदस्यता देने के लिए शुक्रवार के समारोह का आयोजन किया गया।

टॉम वडक्कन भाजपा में शामिल
गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस के प्रवक्ता और सोनिया गांधी के करीबी नेता माने जाने वाले टॉम वडक्कन भाजपा में शामिल हुए थे। टॉम वडक्कन ने कांग्रेस छोड़ने को लेकर कहा है कि पुलवामा हमले के बाद सेना को लेकर कांग्रेस के स्टैंड से वे काफी दुखी थे और भारी मन से पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि देशप्रेम से समझौता नहीं किया जा सकता है। मैंने अपने जीवन के 20 साल कांग्रेस को दिए लेकिन अब पार्टी में वंशवाद हावी होता जा रहा है, जिसमें रहना मुश्किल है। टॉम वडक्कन के भाजपा में शामिल होने के साथ उनका एक पुराना ट्वीट भी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक बार जो शख्स भाजपा की सदस्यता ले लेता है, उसके सब अपराध माफ हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि टॉम कांग्रेस से केरल की त्रिशूर सीट पर टिकट चाहते थे। कांग्रेस से कोई आश्वासन न मिलने पर टॉम बीजेपी में चले गए। भाजपा उन्हें त्रिशूर से चुनाव लड़ा सकती है।












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