EVM विवाद पर NDA की मीटिंग में क्या बोले PM नरेंद्र मोदी
एग्जिट पोल के बाद ईवीएम को लेकर चल रहे विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है।
नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) के एग्जिट पोल जारी होने के बाद शुरू हुए ईवीएम विवाद के बीच मंगलवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से एनडीए (NDA Govt) की डिनर बैठक बुलाई गई। इस बैठक में जेडीयू की तरफ से नीतीश कुमार, शिवसेना की तरफ से उद्धव ठाकरे, तमिलनाडु के सीएम पलानीसामी समेत एनडीए के 36 दलों के नेता शामिल हुए। एग्जिट पोल (Lok Sabha Exit Polls 2019) के नतीजों में एनडीए को बहुमत मिलने से उत्साहित घटक दलों के नेताओं ने बैठक में अगले पांच साल के लिए संभावित सरकार का एजेंडा भी तय किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने एनडीए की बैठक को संबोधित करते हुए विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे ईवीएम विवाद पर भी जवाब दिया।

'ईवीएम पर अनावश्यक विवाद पैदा कर रहा विपक्ष'
एनडीए की डिनर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे ईवीएम के मुद्दे को अनावश्यक विवाद बताते हुए इसपर चिंता जाहिर की। पीएम मोदी ने कहा, 'एग्जिट पोल के अनुमान को ईवीएम में गड़बड़ी से जोड़ना गलत है। विपक्ष अपनी तय हार की हताशा में बहाने के रूप में ईवीएम पर सवाल उठा रहा है। इस चुनाव में एनडीए की जीत सुनिश्चित है और विपक्ष को भी इसकी झलक दिख चुकी है। एग्जिट पोल ने भी इस बात की पुष्टि की है कि देश की जनता एनडीए के साथ है। ऐसी हालत में हताश विपक्ष हार के बहाने तलाश रहा है। यह कोई पहला मौका नहीं है, जब विपक्ष ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। विधानसभा चुनाव में जब विपक्ष की हार होती है तो ईवीएम निशाने पर आ जाती है और जीत के बाद यही दल चुप्पी साध लेते हैं।'

बैठक में शामिल हुए 36 दलों के नेता: राजनाथ
बैठक के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक में अपने संबोधन में कहा है कि विपक्ष अनावश्यक तौर पर ईवीएम को मुद्दा बना रहा है, जो चिंता का विषय है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज जातिगत भावनाओं से ऊपर उठकर गरीबों के विकास को ध्यान में रखने की जरूरत है। एनडीए के 36 दलों की आज की बैठक में एक प्रस्ताव पास किया गया है, जिसके तहत 2019 के लोकसभा चुनाव को निर्णायक करार देते हुए 2022 तक भारत को एक 'मजबूत, विकसित, समृद्ध और समावेशी' राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया क्योंकि 2022 में भारत अपनी आजादी के 75 साल पूरे करने जा रहा है।'

'ईवीएम पर सवाल उठाना विपक्ष की सामूहिक हताशा'
वहीं, बैठक में शामिल हुए लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि ईवीएम पर सवाल उठाना विपक्ष की सामूहिक हताशा है। हार की आशंका से घबराया विपक्ष ईवीएम को मुद्दा बना रहा है। आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार को ही विपक्ष के 22 राजनीतिक दलों के नेताओं ने ईवीएम और वीवीपैट के मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग से मुलाकात की थी। विपक्ष ने चुनाव आयोग से मांग की, कि ईवीएम से वीवीपैट पर्चियों का मिलान मतगणना से पहले किया जाए। हाल ही में जारी हुए एग्जिट पोल के नतीजों में एनडीए को बहुमत मिलने के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग से मिलने का फैसला लिया था। लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को जारी होंगे और उससे पहले ही विपक्ष अपनी रणनीति बनाने में जुट गया है।

नीतीश बोले, ये कोई नई बात नहीं
बैठक से पहले बिहार में ईवीएम मिलने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमान ने कहा, 'ईवीएम पर सवाल उठाना एकदम गलत है। ईवीएम के आने के बाद चुनावों में पारदर्शिता आई है। यह एक ऐसी तकनीक है, जिस पर कई बार सवाल उठाए गए हैं और इसका जवाब चुनाव आयोग ने दिया है। चुनाव हारने वाले दल कहते ही हैं कि चुनाव में ये खराबियां थी, ये कोई नई बात नहीं है।' आपको बता दें कि सोमवार को बिहार के सारण में ईवीएम से भरी गाड़ी मिलने की खबरें आई थी। इसके बाद यूपी के मऊ और गाजीपुर में भी ईवीएम बदले जाने को लेकर हंगामा देखने को मिला। हालांकि चुनाव आयोग की तरफ से इस तरह की खबरों का खंडन किया गया। चुनाव आयोग ने बयान जारी कर कहा कि इस तरह की खबरें केवल अफवाह हैं और सभी ईवीएम को तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरे में बिल्कुल सुरक्षित रखा गया है।












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