येचुरी के 'हिंदू हिंसक' बयान पर भड़के कुमार विश्वास, कर दी बड़ी भविष्यवाणी

सीपीएम के नेता सीताराम येचुरी के 'हिंदू हिंसक' बयान पर भड़के कुमार विश्वास ने एक बड़ी भविष्यवाणी कर डाली।

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव के बीच राजनेताओं की बयानबाजी अपने चरम पर है। वहीं, विवादित बयानों को लेकर चुनाव आयोग भी लगातार नेताओं पर शिकंजा कस रहा है। इस बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के नेता सीताराम येचुरी के हिंदू धर्म को लेकर दिए गए विवादित बयान पर बवाल मच गया है। दरअसल, सीताराम येचुरी ने शुक्रवार को एक जनसभा में भाषण देते हुए कहा था कि हिंदुओं के रामायण और महाभारत हिंसा से भरे हुए हैं। सीताराम येचुरी के इस बयान को लेकर जहां भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने तीखा हमला बोला है, वहीं अब आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और कवि कुमार विश्वास ने भी ट्वीच कर सीताराम येचुरी को निशाने पर लिया है।

'कभी यही शंका किसी और धर्म के ग्रंथ पर की'

'कभी यही शंका किसी और धर्म के ग्रंथ पर की'

सीताराम येचुरी के बयान को लेकर कुमार विश्वास ने ट्वीट करते हुए कहा, 'अपनी वैचारिकी की तरह, हे प्रचुर-कुपढ़ येचुरी जी, 23 मई के बाद अपने पराजय-कुल के अन्य रुदाली-साथियों के साथ जब रो-पीट कर निबट लें तो मेरे पास पधारें, रामकथा सुनने! पुण्य नहीं तो कम से कम दृष्टि का पूर्वाग्रह-शापित मोतियाबिंद तो दूर होगा! कभी यही शंका किसी और धर्म के ग्रंथ पर की?' वहीं, सीताराम येचुरी के बयान को लेकर बाबा रामदेव ने भी कड़ी आपत्ति जताई है। रामदेव ने ट्वीट कर कहा, 'कम्युनिस्टों, ईसाइयों व मुगलों ने अपने राज्य विस्तार के लिए न्याय व कानून के नाम पर 50 करोड़ निर्दोष लोगों का कत्ल किया, क्या सीताराम येचुरी इसको अत्याचार व हिंसा कहने का साहस कर पाएंगे?'

सीताराम येचुरी ने कहा क्या था?

आपको बता दें कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी शुक्रवार को भोपाल में कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह के लिए चुनाव प्रचार करने आए हुए थे। इस दौरान येचुरी ने भाषण देते हुए कहा, 'रामायण और महाभारत भी हिंसा और लड़ाई के उदाहरणों से भरे हुए हैं। एक प्रचारक होने के नाते, आप इन महाकाव्यों का वर्णन करते हैं लेकिन फिर भी दावा करते हैं कि हिंदू हिंसक नहीं हो सकते? यह कहने के पीछे क्या तर्क है कि एक धर्म है जो हिंसा में संलग्न है और हम हिंदू हिंसा नहीं करते।' सीताराम येचुरी के बयान पर आपत्ति जताते हुए भाजपा ने कहा कि यह हिंदू धर्म का अपमान है और वो इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से करेगी।

शिवसेना ने कहा, नाम बदल लो

शिवसेना ने कहा, नाम बदल लो

दूसरी तरफ शिवसेना ने सीताराम येचुरी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर हिंदू हिंसक हैं तो उन्हें अपना नाम बदल लेना चाहिए। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, 'रामायण और महाभारत का एक ही संदेश है, बुराई पर अच्छाई की जीत। राम, कृष्ण और अर्जुन सत्य के प्रमाण हैं। यदि इसका अर्थ हिंसा से लगाएंगे तो कल को यह भी कहा जा सकता है कि पाकिस्तान के खिलाफ हमारे सैनिकों का जंग लड़ना हिंसा है। हम जब कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद का विरोध करते हैं तो क्या वह हिंसा है? सीताराम येचुरी की विचारधारा उनकी अपनी विचारधारा है। उनकी विचारधारा का एक ही उद्देश्य है, हिंदुओं पर हमला करना और उसके जरिए खुद को सेकुलर व्यक्ति साबित करना। यदि सीताराम येचुरी कहते हैं कि रामायण और महाभारत हिंसा से भरे हुए हैं तो फिर उन्हें अपने नाम से सीताराम हटा लेना चाहिए।'

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