VVPAT को लेकर विपक्षी पार्टियों की मांग को चुनाव आयोग ने किया खारिज
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव परिणाम के दौरान वीवीपैट मशीन के इस्तेमाल को लेकर की गई 22 विपक्षी पार्टियों की मांग को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है। दरअसल 22 विपक्षी दलों ने मंगलवार को चुनाव आयोग से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में विपक्षी दल के नेताओं ने वीवीपैट को लेकर चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा था कि अगर किसी मतदान केंद्र में वीवीपैट के सत्यापन में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो आयोग उस विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों के वीवीपीएटी के पेपर स्लिप का 100 फीसदी मिलान करे। अपने ज्ञापन में उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया था कि वीवीपैट के सत्यपान के लिए वोटर स्लिप का मिलान मतगणना के शुरुआत में किया जाए ना कि आखिरी चरण की काउंटिग के बाद।

लेकिन अब इन विपक्षी पार्टियों को चुनाव आयोग से तगड़ा झटका लगा हुआ है। कांग्रेस के नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने विपक्षी दलों की चुनाव आयोग के साथ बैठक के बाद मीडिया को बताया था कि हम इन मु्द्दो को पिछले डेढ़ साले उठा रहे हैं। हमने चुनाव आयोग आयोग से पूछा कि वो इस पर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा था कि ये अजीब बात है कि चुनाव आयोग ने हमें डेढ़ घंटे सुना और आश्वासन दिया कि वे कल सुबह फिर से मिलेंगे ताकि इन दोनों प्रमुख मुद्दों पर विचार किया जा सके।
विपक्षी दलों की चुनाव आयोग से मुलाकात से पहले दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूश क्लब में विपक्षी दलों की संयुक्त बैठक हुई थी। इसमें 22 पार्टियों के नेता शामिल हुए थे। इसमें ईवीएम के साथ वीवीपीएट के मिलान को लेकर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार इस मीटिंग में एग्जिट पोल को लेकर भी चर्चा हुई। गैर एनडीए गठबंधन को लेकर इस बैठक में चर्चा की खबरें हैं। कांग्रेस के अलाव टीडीपी, लेफ्ट, बीएसपी, एसपी, एनसीपी और टीएमसी के नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया। कांग्रेस के सीनियर नेता गुलाम नबी आजाद, बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्रा, एनसीपी चीफ शरद पवार और वामपंथी दलों से सीताराम येचुरी बैठक में शामिल हुए।
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