महागठबंधन की रैली में मायावती ने की बड़ी चूक, भूल गईं प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह

मायावती ने मंच पर भाषण देते हुए अखिलेश यादव के सामने ही एक बड़ी चूक कर दी।

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) में सातवें और अंतिम चरण के चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां जोर-शोर से प्रचार में जुटी हुई हैं। सातवें चरण के तहत आगामी 19 मई को मतदान होगा और कुल 59 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। अंतिम चरण के चुनाव में यूपी की भी 13 लोकसभा सीटें शामिल हैं। मंगलवार को यूपी के सलेमपुर में बसपा सुप्रीमो मायावती (BSP Chief Mayawati) और सपा मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने महागठबंधन (SP BSP Mahagathbandhan) की रैली को संबोधित किया। अपने भाषण में मायावती और अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार (Narendra Modi) और प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। हालांकि इस दौरान भाषण देते हुए मायावती मंच से एक बड़ी गलती कर बैठीं।

मायावती ने की ये बड़ी चूक

मायावती ने की ये बड़ी चूक

मंगलवार को यूपी के सलेमपुर में आयोजित महागठबंधन की रैली में मायावती मंच पर भाषण देने आईं तो उन्होंने पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला। हालांकि भाषण के बीच में उनसे एक चूक हो गई। दरअसल यूपी की बलिया लोकसभा सीट महागठबंधन के तहत सपा के खाते में गई है, लेकिन मायावती ने मंच से बलिया में हाथी का बटन दबाने की अपील कर दी। मायावती ने अपने भाषण में कहा, 'बलिया से गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार चुनाव लड़ रहा है। मेरी आप लोगों से पुरजोर अपील है कि समाजवादी पार्टी का जो चुनाव चिन्ह हाथी है, हाथी चुनाव चिन्ह के सामने वाला बटन दबाकर आप उनको भी कामयाब बनाएं।' इस दौरान मंच पर अखिलेश यादव भी बैठे हुए थे।

सातवें चरण में यूपी की 13 सीटों पर मतदान

सातवें चरण में यूपी की 13 सीटों पर मतदान

आपको बता दें कि 19 मई को होने वाले मतदान के तहत यूपी की 13 सीटों- महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज में वोट डाले जाएंगे। मायावती अपनी रैलियों में लगातार पीएम मोदी पर हमलावर नजर आ रही हैं। सलेमपुर की रैली में मायावती ने कहा कि यूपी में आज किसान और मजदूर वर्ग परेशान है, दलितों का उत्पीड़न हो रहा है। आज देश में दलितों, अति पिछड़ों और आदिवासियों का सरकारी नौकरियों में कोटा अधूरा पड़ा है। मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार की सांप्रदायिकतावादी और जातिवादी नीतियों के कारण आज देश का लोकतंत्र खतरे में है।

सुनें वो भाषण 31 मिनट के बाद से:-

'आरएसएस ने भी अब इनका साथ छोड़ दिया है'

इससे पहले मायावती ने मंगलवार को ही सुबह ट्वीट करते हुए मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। मायावती ने कहा, 'पीएम श्री मोदी सरकार की नैया डूब रही है, इसका जीता-जागता प्रमाण यह भी है कि आरएसएस ने भी इनका साथ छोड़ दिया है व इनकी घोर वादाखिलाफी के कारण भारी जनविरोध को देखते हुए संघी स्वंयसेवक झोला लेकर चुनाव में कहीं मेहनत करते नहीं नजर आ रहे हैं जिससे श्री मोदी के पसीने छूट रहे हैं। जनता को बरगलाने के लिए देश ने अबतक कई नेताओं को सेवक, मुख्यसेवक, चायवाला व चौकीदार आदि के रूप में देखा है। अब देश को संविधान की सही कल्याणकारी मंशा के हिसाब से चलाने वाला शुद्ध पीएम चाहिए। जनता ने ऐसे बहरुपियों से बहुत धोखा खा लिया है अब आगे धोखा खाने वाली नहीं। ऐसा साफ लगता है।'

योगी सरकार पर भी बोला हमला

योगी सरकार पर भी बोला हमला

मायावती ने योगी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा, 'रोड शो व जगह-जगह पूजा-पाठ एक नया चुनावी फैशन बन गया है जिसपर भारी खर्चा किया जाता है। आयोग द्वारा उस खर्चे को प्रत्याशी के खर्च में शामिल करना चाहिये और यदि किसी पार्टी द्वारा उम्मीद्वार के समर्थन में रोड शो आदि किया जाता है तो उसे भी पार्टी के खर्च में शामिल किया जाना चाहिए। साथ ही किसी भी उम्मीदवार को आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में चुनाव प्रचार पर बैन लगाने के दौरान यदि वह आम स्थान पर मन्दिरों आदि में जाकर पूजा-पाठ आदि करता है व उसे मीडिया में बड़े पैमाने पर प्रचारित किया जाता है तो उस पर भी रोक लगनी चाहिये। आयोग इसपर भी कुछ कदम जरूर उठाए।'

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