टिकट कटने के बाद आडवाणी जी की आंखों में आंसू थे: शांता कुमार
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांगड़ा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद शांता कुमार ने बताया है कि टिकट कटने के बाद लालकृष्ण आडवाणी की आंखों में आंसू थे। वाजपेयी सारकार में मंत्री रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार ने अमर उजाला के साथ एक इंटरव्यू में ये बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व का तरीका आडवाणी के साथ नहीं था, उनके लिए कोई और रास्ता निकाला जाना चाहिए था।

'आडवाणी जी को ऐसे देखना पीड़ादायक'
शांता कुमार ने बताया कि लालकृष्ण आडवाणी को चुनाव न लड़ाने के लिए पार्टी बेहतर रास्ता अपना सकती थी। उनका टिकट कटने के बाद मैं उनसे मिला तो उनकी आंखों में आंसू थे। ये देखना बहुत पीड़ादायक राह। आडवाणी कम ही बोलते हैं। वो मुझसे इस बारे में बोले तो कुछ नहीं लेकिन उनकी आंखों में आंसू थे, जो बहुत कुछ खुद ही कह दे रहे थे। बता दें कि भाजपा के सबसे सीनियर नेता और पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल लालकृष्ण आडवाणी को इस बार टिकट नहीं मिला है। गुजरात के गांधीनगर से सांसद आडवाणी की जगह पार्टी अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर से चुनाव लड़ रहे हैं। आडवाणी वाजपेयी सरकार में उपप्रधानमंत्री रहे हैं, वो भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

पुराने नेताओं को सम्मान दिया जाए
84 साल के शांता कुमार भी चुनाव ना लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। वहीं भाजपा के 75 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं के टिकट काटने पर कुमार ने कहा कि नए लोग आएं लेकिन पुराने नेताओं के लिए भी सम्मानजनक रास्ता हो। टिकट किसको देना है इसको पार्टी नेतृत्व का फैसला बताते हुए उन्होंने कहा कि सेवा में उम्र ही मानक नहीं होती।

भाजपा में कटे हैं कई सीनियर नेताओं के टिकट
भारतीय जनता पार्टी में इस चुनाव में काफी संख्या में सीनियर नेताओं के टिकट काटे गए हैं। आडवाणी के अलावा मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज, उमा भारती, कलराज मिश्र, सुमित्रा महाजन जैसे नेताओं ने या तो चुनाव लड़ने से मना कर दिया है या उनका टिकट काट दिया गया है। 17वीं लोकसभा के लिए देश में 11 अप्रैल से सात चरण में आम चुनाव होने हैं। 23 मई को नतीजे आएंगे।












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