Lok Sabha Election: J&K में INDIA Bloc में दो फाड़! इस उम्मीद में अटकी कांग्रेस की अंतिम आस
Jammu and Kashmir Lok Sabha Election: जम्मू और कश्मीर में इंडिया ब्लॉक में सीटों का बंटवारा अब बहुत मुश्किल हो गया है। नेशनल कांफ्रेंस ने अपने सख्त तेवर दिखा दिए हैं तो पीडीपी भी हथियार डालने को तैयार नहीं है। लेकिन, कुछ ऐसी वजहें हैं, जिसको लेकर कांग्रेस की उम्मीद अब भी बरकरार है।
जम्मू और कश्मीर में कांग्रेस के एक नेता ने दावा किया है कि केंद्र शासित प्रदेश में इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी में अभी भी सीटों के बंटवारे को लेकर बात चली रही है और गठबंधन में किसी भी तरह की असहमति नहीं है।

कोई असहमति नहीं है- कांग्रेस का दावा
जम्मू और कश्मीर में कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुलाम नबी मोंगा ने दावा किया है, 'कोई असहमति नहीं है। यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। सभी दलों का अधिकार है कि वह ज्यादा से ज्यादा सीटों पर दावा करे। लेकिन, बातचीत चल रही है।'
नेशनल कांफ्रेंस कश्मीर की तीनों सीटों पर लड़ेगी- उमर अब्दुल्ला
कांग्रेस नेता की यह प्रतिक्रिया नेशनल कांफ्रेंस की ओर से यह कहे जाने के बाद आई कि वह कश्मीर घाटी की तीनों सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी और महबूबा मुफ्ती की पीडीपी के लिए एक भी सीट नहीं छोड़ेगी।
तीसरे नंबर की पार्टी को सीट मांगने का अधिकार नहीं- नेशनल कांफ्रेंस
पार्टी नेता उमर अब्दुला ने कहा था, 'मैंने आपको बताया है....जो पार्टी तीसरे नंबर पर है, उसे सीट मांगने का कोई अधिकार नहीं है। अगर मुझे इंडिया में शामिल होने से पहले बताया गया होता कि अन्य सदस्य के लिए हमें खुद कमजोर होना होगा, तो मैं कभी शामिल नहीं होता।'
अनंतनाग सीट पर उम्मीद लगाए बैठी थी पीडीपी
2019 में कश्मीर घाटी की तीनों सीटें नेशनल कांफ्रेंस को मिली थी और इसी को लेकर अब्दुल्ला अड़ गए हैं। उनकी पार्टी की ओर से यह संकेत पहले से दिए जा रहे थे, अब बात ज्यााद स्पष्ट रूप से रख दी गई है। जबकि, पीडीपी कम से कम अनंतनाग सीट को लेकर उम्मीद कर रही थी कि गठबंधन से उसकी किस्मत पलट सकती है।
महबूबा ने खोला नेशनल कांफ्रेंस के खिलाफ मोर्चा
अब्दुल्ला के बयान के बाद पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती बिफर गईं और नेशनल कांफ्रेंस पर पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लरेशन (PAGD) को तोड़ने का आरोप लगा दिया। उन्होंने दावा किया कि पीडीपी हारी जरूर थी, लेकिन जम्मू और कश्मीर से निश्चित तौर पर बाहर नहीं हुई है।
दोनों ही दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ने की कही बात
पीएजीडी कश्मीर में सक्रिय भाजपा-विरोधी दलों का एक गठबंधन था, जिसे मोदी सरकार की ओर से खत्म किए गए अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल करने की उम्मीद में बनाया गया था। इस तल्खी के बीच दोनों ही पार्टियां राज्य में अलग-अलग चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी हैं।
इस उम्मीद में अटकी कांग्रेस की अंतिम आस
लेकिन, कांग्रेस नेता को भरोसा है कि जिस तरह आम आदमी पार्टी और उसके बीच दिल्ली और अन्य राज्यों में सीटों पर तालमेल हो गया, वैसे ही जम्मू और कश्मीर में भी सारे मुद्दे बातचीत से सुलझ जाएंगे।
मोंगा के मुताबिक, 'किसी ने भी कभी नहीं सोचा था कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एकसाथ आएंगे। इसलिए सभी मुद्दे बातचीत से सुलझते हैं। नेशनल कांफ्रेंस को अधिकार है कि वह चार या यहां तक कि पांच सीटों पर दावा करे। लेकिन, आखिरकार बात होगी और जो भी होगा, आपको पता चल जाएगा।'
जम्मू और कश्मीर में लोकसभा की 5 सीटें हैं और 1 सीट लद्दाख में है। कश्मीर घाटी की सभी तीन सीटें पिछली बार नेशनल कांफ्रेंस जीती थी। जबकि, जम्मू की दोनों सीटें और लद्दाख की 1 सीट पिछले दो चुनावों से भाजपा जीतती रही है।
यही वजह है कि नेशनल कांफ्रेंस अपनी जीती हुई सीट नहीं छोड़ना चाहती और खासकर जम्मू की दोनों सीटें भाजपा का गढ़ होने की वजह से पीडीपी उधर रुख करने से कन्नी काट रही है। साथ ही साथ कांग्रेस भी जम्मू में 1 से ज्यादा सीट नहीं लड़ना चाहती है और उम्मीद में है कि अब्दुला परिवार उसके लिए घाटी में 1 सीट छोड़ देगा। (इनपुट-पीटीआई)












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