जाटलैंड के ट्रेंड बता रहे हैं, अब भी भाजपा के पीछे कायम हैं जाट वोटर

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में एनडीए अप्रत्याशित जीत की ओर बढ़ रही है। एनडीए पूर्ण बहुमत के आंकड़े से कहीं आगे निकल गया है। रुझानों के अनुसार एनडीए 330 के आंकड़े को पार करता दिख रहा है। लेकिन इस चुनाव में सबसे बड़ी बात यह है कि एक बार फिर से उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा को मुंह की खानी पड़ी है। पिछले लोकसभा चुनाव की बात करें तो बसपा अपना खाता भी नहीं खोल सकी थी, हालांकि इस बार पार्टी की स्थिति कुछ बेहतर हुई है और बसपा 15 सीटों पर आगे चल रही है। रुझान की मानें तो भाजपा उत्तर प्रदेश में 52 सीटों पर आगे चल रही है।

जाट वोटर भाजपा के साथ

जाट वोटर भाजपा के साथ

रुझान के अनुसार उत्तर प्रदेश में तमाम जाट बाहुल इलाके में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है। जाट बाहुल इलाकों की बात करें तो अलीगढ़, हाथरस, बागपत, बुलंदशसहर, मुजफ्फरनगर में मतदाताओं ने भाजपा का समर्थन किया है। आरएलडी के अजीत सिंह और जयंत चौधरी के पक्ष में इस बार जाट वोटरों का रुझान देखने को नहीं मिला। रुझान की बात करें तो इन तमाम जाट बाहुल इलाकों में जाटों ने महागठबंधन का साथ नहीं दिया और भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में वोट किया है।

इन इलाकों में महागठबंधन आगे

इन इलाकों में महागठबंधन आगे

शुरुआती रुझान के अनुसार भाजपा के रवि किशन गोरखपुर में बड़ी अंतर से आगे चल रहे हैं। बता दें कि गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संसदीय क्षेत्र है। उत्तर प्रदेश में महागठबंधन सिर्फ उन्ही सीटों पर आगे चल रहा है जहां पर मुस्लिम, दलित, यादव मतदाताओं की संख्या 50 फीसदी से अधिक है। बहरहाल देखने वाली बात यह है कि क्या इस चुनाव में भी हार के बाद सपा-बसपा एक साथ रहते हैं या फिर चुनाव में निराशा हाथ लगने के के बाद दोनों ही दलों के बीच का गठबंधन खत्म हो जाता है।

महागठबंधन विफल

महागठबंधन विफल

बता दें कि उत्तर प्रदेश में महागठबंधन को बुरी हार का सामना करना पड़ सकता है। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर से जबरदस्त प्रदर्शन किया है और यहां पर भाजपा तकरीबन 50 सीटों पर जीतती नजर आ रही है। जबकि महागठबंधन तकरीबन 25 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। लेकिन सबसे दिलचस्प मुकाबला अमेठी में चल रहा है, जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा उ्म्मीदवार स्मृति ईरानी के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। यहां स्मृति ईरानी राहुल गांधी से आगे चल रही हैं।

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