Lok Sabha Election: केरल में प्रवासियों को रिझाने की कैसी चल रही है तैयारी? खाड़ी देशों से लाने का भी प्लान

Lok Sabha Election 2024 Kerala: केरल में एक बार फिर से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों की अहमियत बढ़ गई है। सत्ताधारी एलडीएफ और विपक्षी यूडीएफ दोनों अपने-अपने तरीके से उनतक पहुंचने की कोशिशें कर रहे हैं। कुछ तो आ सकने वाले केरलवासियों के लिए खास फ्लाइट तक के भी इंतजाम कर रहे हैं।

ईद और विषु की छुट्टियों के लिए केरल आए कुछ प्रवासी तो मतदान के लिए अपनी छुट्टियां बढ़ा रहे हैं। लेकिन, जो वहां से आ सकते हैं, उन्हें लाने के इंतजाम भी चल रहे हैं। इसी के तहत मुस्लिम लीग के प्रवासी केरलवासियों के संगठन केरल मुस्लिम कल्चरल सेंटर (KMCC) ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से प्रवासियों को 24 अप्रैल को लाने के लिए स्पेशल वोटर फ्लाइट का भी प्रबंध किया है।

kerala expats

कुछ उम्मीदवार यूएई और कतर में भी कर आए चुनाव प्रचार
केरल की वडकारा सीट से यूडीएफ प्रत्याशी शफी पराम्बिल तो चुनाव प्रचार के बीच में यूएई और कतर का दौरा भी कर आए हैं और प्रवासियों से वोट मांग आए हैं। वे शारजाह और दोहा में प्रवासियों से अनुरोध कर आए हैं कि केरल में अपने परिवार वालों से उन्हें वोट देने के लिए कहें।

प्रवासियों का कहना भी बहुत मायने रखता है- केएमसीसी नेता
वहीं केएमसीसी के अलावा कांग्रेस से जुड़े INCAS जैसे संगठन यूएई में ऐसे सम्मेलन आयोजित करवा रहे हैं, जिसमें जूम मीटिंग के माध्यम से केरल में संबंधित उम्मीदवारों के पक्ष में अपील करने की कोशिश की जाएगी। यूएई में केएमसीसी के नेता अनवर नाहा के मुताबिक भले ही वे वोट डालने केरल न आ पाएं, लेकिन उनका कहना ही बहुत मायने रखता है।

कमाऊ प्रवासी साबित होते हैं 'वन टू का फोर'
सीपीएम लीडर और पार्टी के केरल प्रवासी संघम के नेता और पूर्व एमएलए केवी अब्दुल खादर का कहना है कि चुनावों में प्रवासियों की भूमिका काफी बढ़ जाती है। उनके मुताबिक,'खाड़ी का एक प्रवासी घर पर कम से कम चार वोटों को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि वह परिवार का कमाऊ सदस्य है और उसका कहना मायने रखता है, चाहे वह खुद वोट डालने न आ पाए।'

उन्होंने आगे कहा, राजनीतिक दलों से जुड़े प्रवासी समूह, जिनमें से ज्यादातर वहां सांस्कृतिक संगठनों के रूप में काम कर रहे हैं, वोट जुटाने में सक्रिय हैं, जो प्रवासियों को प्रभावित कर सकते हैं।

हालांकि, केरल माइग्रेशन सर्वे के अनुमानों के मुताबिक प्रदेश के प्रवासियों की तादाद लगभग 21 लाख है। लेकिन, 4 अप्रैल को जो मतदाता सूची जारी हुई है, उसमें राज्य के ओवरसीज मतदाताओं की संख्या 89,839 है।

राज्य में 26 अप्रैल को चुनाव है। केरल में लोकसभा की कुल 20 सीटें हैं, जिसमें मुख्य मुकाबला एलडीएफ और यूडीएफ गठबंधनों के बीच है। लेकिन अबकी बार भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए ने कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले के हालात बना दिए हैं।

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