Lok Sabha Election: कर्नाटक में चुनाव लड़ने से बचने के लिए क्या दलील दे रहे हैं कांग्रेस के नेता?

Lok Sabha Election News: कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव में पसंदीदा उम्मीदवार तलाशने में दिक्कत आ रही है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के कई मंत्रियों तक लोकसभा चुनाव लड़ने से मना कर रहे हैं।

कर्नाटक कांग्रेस के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का गृहराज्य भी है। वह खुद अभी राज्यसभा में हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में वे खुद गुलबर्गा लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार से चुनाव हार गए थे।

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अनिश्चितता से कांग्रेस के मंत्रियों को लगता है डर!
एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पार्टी की ओर से मिले चुनाव लड़ने के अनुरोध को कई मंत्री इसलिए ठुकरा रहे हैं, कि वह अभी मिली हुई कुर्सी को खतरे में डालकर अनिश्चितता की ओर कदम नहीं बढ़ाना चाहते हैं।

किन मंत्रियों ने किया चुनाव लड़ने से इनकार?
कर्नाटक में लोकसभा की 28 सीटें हैं और सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान चाहता है कि सिद्दारमैया सरकार के कुछ मंत्री इसमें भी अपना भाग्य आजमाएं।

जिन मंत्रियों का नाम इस लिस्ट में लिया जा रहा है, उनमें सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरे गौड़ा, के एच मुनियप्पा, बी नागेंद्र, एच के पाटिल और ईश्वर खांड्रे का नाम शामिल है। लेकिन, जानकारी के मुताबिक इनमें से कोई तैयार नहीं हैं।

एक मंत्री ने बेटे को उतारने का दिया प्रस्ताव
मसलन, सिद्दारमैया सरकार में महिला और बाल विकास मंत्री लक्ष्मी लक्ष्मी हेब्बालकर बता चुकी हैं कि उनकी जगह उनके बेटे को मौका दिया जाए। उन्होंने कहा, 'यह बेलगावी के लोगों और वहां के नेताओं की उम्मीद है, उनका नाम प्रस्तावित भी किया गया है।'

उन्होंने कहा, 'मुझे मीडिया के माध्यम से पता चला....यहां तक कि जब मेरे भाई को विधान परिषद के सदस्य के लिए चुना गया था, जिले के सभी नेताओं एकसाथ यह फैसला लिया।'

एक मंत्री ने तो किया साफ इनकार
कर्नाटक के समाज कल्याण मंत्री एससी महादेवरप्पा ने तो पहले ही दो टूक मना कर दिया था। उन्होंने कहा था, 'मैं लोकसभा का उम्मीदवार नहीं हूं। मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा। हाई कमान जिसको भी टिकट देगा, मैं उसे जिताने की कोशिश करूंगा।'

उन्होंने यहां तक कह दिया था कि अगर लोकप्रियता की दलील दी जाती है तो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का भी नाम होना चाहिए, वे भी लोकप्रिय हैं।

पार्टी हाई कमान का फैसला मानना होगा- डीके शिवकुमार
लेकिन, कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की बात से लगता है कि पार्टी इसपर सख्त रुख भी अपना सकती है। उन्होंने कहा, 'पार्टी हाई कमान जो भी फैसला करेगा, उसे हर किसी को स्वीकार करना होगा, यहां तक कि मुझे भी स्वीकार करना होगा। पार्टी की ही वजह से हम सब यहां पर हैं।'

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हालांकि, कांग्रेस के प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने मंत्रियों के चुनाव लड़ने से मना करने की खबरों से कन्नी काटने की कोशिश की है। उन्होंने, 'अभी तक सिर्फ एक मंत्री से चुनाव लड़ने को कहा गया है और उन्होंने विचार करने के लिए कुछ समय मांगा है।'

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