Lok Sabha Election: इस राज्य में दो-दो पूर्व सीएम को टिकट दे सकती है बीजेपी, वोट बैंक की वापसी वाला दांव!
Lok Sabha Election News: कर्नाटक में बीजेपी के लिए पिछली बार जैसा प्रदर्शन दोहराना या उससे भी बेहतर करना जरूरी है। क्योंकि, इसके बिना 'अबकी बार, 400 पार' का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल है। इसलिए लग रहा है कि पार्टी राज्य में कुछ बड़े नेताओं को लोकसभा चुनाव में उतारने की तैयारी में है।
कर्नाटक के जिन दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को भाजपा की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है, उनमें बसवराज बोम्मई और जगदीश शेट्टार का नाम शामिल है। गौर करने वाली बात ये है कि ये दोनों ही प्रभावशाली लिंगायत समुदाय से आते हैं, जिसे पार्टी अपना मूल वोट बैंक मानती रही है।

28 सीटों पर चर्चा, अंतिम फैसला बाकी- येदियुरप्पा
दोनों पूर्व सीएम को चुनाव में उतारने का संकेत देते हुए पार्टी के दिग्गज और कर्नाटक के एक और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियरप्पा ने गुरुवार को कहा है कि राज्य की सभी 28 सीटों को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से चर्चा हुई है, लेकिन अभी आखिरी फैसला होना है।
'बोम्मई और जगदीश शेट्टार के बारे में चर्चा'
येदियुरप्पा भाजपा के संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति दोनों के सदस्य हैं। येदियुरप्पा ने कहा है, 'कल अमित शाह जी, नड्डा जी और हम सारे लोगों ने मिलकर सभी 28 लोकसभा सीटों के उम्मीदवारों पर चर्चा की। किन्हें टिकट दिया जाना चाहिए, यह अभी तय नहीं हुआ है। सभी पर प्रधानमंत्री के साथ चर्चा की जाएगी और दो से तीन दिनों में हमें स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।'
उन्होंने आगे बताया, 'सभी चीजों पर चर्चा की गई, लेकिन किसे कहां से टिकट दिया जाएगा यह अभी फाइनल नहीं हुआ है। बोम्मई और जगदीश शेट्टार के बारे में भी चर्चा हुई।'
हावेरी सीट से दांव आजमा सकते हैं बसवराज बोम्मई
कर्नाटक में भाजपा के लोगों के बीच यह बात भी हो रही है कि शिगगांव सीट से विधायक बोम्मई हावेरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। हावेरी के मौजूदा सांसद शिवकुमार उदासी ने आने वाले चुनाव में चुनावी राजनीति से रिटायरमेंट की घोषणा की है।
बेलगाम से लड़ सकते हैं जगदीश शेट्टार
वहीं शेट्टार को बेलगाम (बेलगावी) से उतारा जा सकता है। यहां से अभी पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश अंगड़ी की विधवा मंगला अंगड़ी सांसद हैं। पति के निधन के बाद 2021 में हुए उपचुनाव में वह कांग्रेस के कद्दावर नेता सतीश जारकीहोली से 5 हजार से कुछ ज्यादा वोटों से चुनाव जीती थीं।
पार्टी चाहती है कि वह इस बार यहां से कोई ज्यादा मजबूत चेहरे पर दांव लगाए। शेट्टार अंगड़ी परिवार के रिश्तेदार भी हैं और मंगला के उपचुनाव में उन्होंने इस सीट पर चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाली थी।
पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले टिकट नहीं मिलने पर शेट्टार भाजपा छोड़कर कांग्रेस में चले गए थे। लेकिन, इस साल जनवरी में वापस लौट चुके हैं।
लिंगायत वोट फिर से वापस लाने की कोशिश में भाजपा!
शेट्टार और बोम्मई दोनों ही लिंगायत समुदाय से हैं, जो शुरू से राज्य में बीजेपी के जनाधार का आधार माना जाता रहा है। पार्टी सूत्रों का भी मानना है कि पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के इस वोट बैंक में सेंध लग गया था और पार्टी की हार का यह भी एक बड़ा कारण बन गया। येदियुरप्पा खुद भाजपा के सबसे कद्दावर लिंगायत चेहरे हैं।
बीजेपी ने अभी तक 543 लोकसभा सीटों में से 195 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं। अगले कुछ दिनों में दूसरी लिस्ट भी आने की संभावना है। (इनपुट-पीटीआई)












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