Lok Sabha Election: कांग्रेस के हंगामे के बाद भी क्यों नहीं थम रहा पीएम मोदी का 'मंगलसूत्र' वाला वार?
Lok Sabha Election 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस पर 'मंगलसूत्र' वाला वार बंद नहीं कर रहे। उन्होंने राजस्थान के बांसवाड़ा में रविवार को जो मुद्दा उठाया, वह लगातार जारी है। जबकि, कांग्रेस चुनाव आयोग में बड़े-बड़े वकीलों तक को ले जाकर शिकायत कर आई है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से यहां तक कहा है कि पीएम मोदी जो बयान दे रहे हैं, उसपर 'सिर्फ निंदा से काम नहीं चलेगा, बल्कि वह उन्हें अयोग्य घोषित कर दे।' लेकिन, अगर पीएम मोदी अपनी बातों पर अडिग हैं तो इसकी कुछ खास वजह है। दरअसल, उनके पास ऐसे तथ्य हैं, जिसकी वजह से उन्होंने कांग्रेस की सियासी 'कमजोरी' पकड़ ली है।

कहां से शुरू हुआ 'मंगलसूत्र' वाला विवाद?
पीएम मोदी ने सबसे पहले राजस्थान के बांसवाड़ा में चुनाव रैली में कहा कि कांग्रेस कहती है कि वह संपत्ति का सर्वे करवाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संपत्ति सर्वे के बाद कांग्रेस मां-बहनों का सोना भी 'घुसपैठियों' को बांट देगी।
प्रधानमंत्री ने कहा, 'ये कांग्रेस का मेनिफेस्टो कह रहा है कि वो मां-बहनों के गोल्ड का हिसाब करेंगे। उसकी जानकारी लेंगे और फिर उसे बांट देंगे..... उनको बांटेंगे जिनको मनमोहन सिंह की सरकार ने कहा था, संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। ये अर्बन नक्सल की सोच.... मेरी मां-बहनों.... ये आपका मंगलसूत्र भी नहीं बचने देंगे। ये यहां तक जाएंगे।'
पीएम मोदी के बयान पर चुनावी 'नुकसान' की आशंका से हिली हुई है कांग्रेस
सोमवार को कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा। उनके बड़े वकीलों को तैनात किया गया। चुनाव आयोग ने संबंधित प्रशासनिक और चुनाव कार्यों से जुड़े अधिकारियों से पीएम मोदी के भाषण की वीडियो रिकॉर्डिंग और ट्रांसक्रिप्ट मंगवा ली।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तो कांग्रेस का मेनिफेस्टो दिखाने के लिए प्रधानमंत्री से समय तक मांग लिया है। जो कांग्रेस भाजपा पर संविधान खत्म कर देने, तानाशाही थोपने, आगे से चुनाव की व्यवस्था बंद हो जाने, आरक्षण खत्म कर देने जैसे आरोप लगा रही थी। वह कह रही है कि पीएम मोदी असल मुद्दों से चुनाव को भटकाना चाहते हैं।
क्यों नहीं थम रहा पीएम मोदी का 'मंगलसूत्र' वाला वार?
लेकिन, प्रधानमंत्री किसी भी तरह से बैकफुट पर नहीं आए हैं। सोमवार को अलीगढ़ में भी उन्होंने यह मुद्दा फिर से उठाया और महिलाओं से कहा कि आपका 'मंगलसूत्र सलामनत भी नहीं रहेगा।' मंगलवार को वो फिर से राजस्थान में थे और टोंक में कहा कि वे 'मंगलसूत्र का एक्स-रे करेंगे।'
राहुल के मेनिफेस्टो लॉन्चिंग वाले बयान से पीएम मोदी को मिला हथियार
दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्तर पर 5 अप्रैल को कांग्रेस का मेनिफेस्टो जारी होने के बाद हैदराबाद में कांग्रेस मेनिफेस्टो जारी करने पहुंचे थे। वहीं एक जनसभा में उन्होंने जो कुछ कहा, पीएम मोदी ने उसे ही मुख्य विपक्षी पार्टी के खिलाफ चुनावी हथियार बना लिया है।
राहुल ने संपत्ति बांटने को लेकर क्या कहा था?
हैदराबाद के तुक्कुगुड़ा में कांग्रेस पार्टी का चुनावी मेनिफेस्टो जारी करते हुए राहुल ने कहा था 'पहले हम जाति जनगणना करवाएंगे ताकि पिछड़ी जातियों, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अल्पसंख्यकों और अन्य जातियों का सही जनसंख्या का पता चल सके।'
उन्होंने आगे कहा था, 'उसके बाद वित्तीय और संस्थागत सर्वे शुरू होगा। इसके बाद हम भारत की संपत्ति, नौकरियों और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को इन वर्गों को उनकी आबादी के हिसाब से बांटने के ऐतिहासिक कार्य की शुरुआत करेंगे।'
राहुल और मनमोहन के बयान के आधार पर मोदी कर रहे हैं 'मंगलसूत्र' वाला वार
दरअसल, पीएम मोदी राहुल के इस चुनावी वादे को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 2006 में दिए एक विवादास्पद बयान के संदर्भ में जोड़कर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।
मनमोहन ने एक सरकारी कार्यक्रम में कहा था, 'हमें यह सुनिश्चित करने के लिए नई तरह की योजनाएं बनानी होंगी कि अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को, सशक्त बनाया जाए ताकि वे विकास के फल को समान रूप से साझा करें...संसाधनों पर पहला हक इनका ही हो।' हालांकि, बाद में तत्कालीन पीएमओ ने इसपर सफाई देकर इसे अलग संदर्भ में कहे जाने का दावा किया था।












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