Kerala: चर्च में क्यों दिखाई गई 'द केरल स्टोरी'? चुनाव के दौरान चल रहे विवाद के बीच सामने आई ये वजह
The Kerala Story screened in a Kerala Catholic Church: केरल में इडुक्की बिशप-क्षेत्र के सिरो-मालाबार कैथोलिक चर्च में चर्चित फिल्म 'द केरल स्टोरी' प्रदर्शित की गई है। यह फिल्म 2 अप्रैल को इस बिशप क्षेत्र के विभिन्न चर्चों में मौलिक शिक्षा के छात्रों को दिखाई गई है।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक 'द केरल स्टोरी' फिल्म का यह प्रदर्शन तीन दिवसीय ट्रेनिंग क्लास के दौरान किया गया। बता दें कि इस फिल्म को चुनावों के दौरान दूरदर्शन पर दिखाए जाने को लेकर पहले से ही सियासी बवाल मचा हुआ है और कांग्रेस, लेफ्ट दूरदर्शन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

ट्रेनिंग क्लास के दौरान छात्रों को दिखाई गई फिल्म
इडुक्की बिशप-क्षेत्र के मीडिया कमीशन के चेयरमैन फादर जिन्स करक्कट के मुताबिक ट्रेनिंग क्लास एक वार्षिक कार्यक्रम था, जो कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान हर साल 10वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए आयोजित की जाती है। ये क्लास विभिन्न चर्चों में आयोजित हुए, जिसमें छात्रों को एक बुकलेट भी दिया गया था। इसी बुकलेट की सामग्री के आधार पर तीन-दिवसीय ट्रेनिंग क्लास आयोजित किए गए थे।
उन्होंने कहा, 'क्योंकि बुकलेट के कंटेंट में 'प्रेम' था, कार्यक्रम के दौरान इस टॉपिक पर आधारित एक फिल्म भी प्रदर्शित की गई। ताकि छात्र इस टॉपिक के बारे में ज्यादा गहराई से समझ सकें और इस दौरान उनसे समीक्षा भी लिखने को कहा जाता है।'
फिल्म ट्रेनिंग क्लास के टॉपिक के लिए उपयुक्त थी- चर्च
जहां तक इसके लिए 'द केरल स्टोरी' को चुनने की बात है तो करक्कट का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि ये फिल्म उन छात्रों को प्रेम जाल में पड़ने को लेकर जागरूक करेगी जो किशोरावस्था में हैं। उनके मुताबिक, 'फिल्म ट्रेनिंग क्लास के टॉपिक के लिए उपयुक्त थी, इसलिए छात्रों को दिखाने के लिए चुनी गई।'
रिसर्च पर आधारित बताई जाती है फिल्म
बता दें कि 'द केरल स्टोरी' सुदीप्तो सेन निर्देशित कम बजट की फिल्म है, जो केरल की तीन महिलाओं को मुसलमान बनाने के बाद आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) में शामिल होने का लालच देने की कहानी पर आधारित है। इस फिल्म के निर्माताओं का दावा है कि उन्होंने वर्षों की रिसर्च के आधार पर इसे तैयार किया है। लेकिन, आलोचकों का आरोप है कि यह एक प्रोपेगेंडा और इस्लामोफोबिया पर आधारित फिल्म है।
दूरदर्शन पर फिल्म के प्रसारण का विरोध कर रही हैं कांग्रेस-सीपीएम
चर्चों में 'द केरल स्टोरी' की स्क्रीनिंग का मामला तब सामने आया है, जब इसी फिल्म को दूरदर्शन पर दिखाए जाने के फैसले को लेकर सीपीएम और कांग्रेस दोनों बवाल काट रही हैं। इन्होंने चुनाव आयोग में इसके खिलाफ अलग-अलग शिकायतें भी दर्ज कराई हैं।
भाजपा का दावा-सच्ची घटनाओं पर आधारित है फिल्म
केरल की सत्ताधारी और मुख्य विपक्षी पार्टी दोनों का कहना है कि इस फिल्म के प्रसारण से समाज का धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण हो सकता है। इसलिए, इन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि वह दखल देकर इसकी स्क्रीनिंग बंद करवा दे। वहीं, बीजेपी का दावा है कि फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है और हैरानी जताई है कि लेफ्ट और कांग्रेस को इसमें आपत्ति क्या है।
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजय ने दूरदर्शन के फैसले की निंदा करते हुए इसका प्रसारण रोकने की मांग की थी। उनका कहना था कि इससे लोकसभा चुनावों से पहले सिर्फ 'सांप्रदायिक तनाव' बढ़ेगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि नेशनल ब्रॉडकास्टर बीजेपी और आरएसएस की 'प्रोपेगेंडा मशीन' न बने।












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