'BJP के शुद्धिकरण के लिए लड़ रहा चुनाव': दिग्गज बागी नेता की दलीलों का क्या जवाब देंगे अमित शाह?
Lok Sabha Chunav Karnataka: कर्नाटक में बीजेपी को इस बार कई बागी नेताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। इनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा भी शामिल हैं। मंगलवार को उन्होंने कहा है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन किया था और कहा था कि नाम वापस ले लूं। लेकिन, वह अभी अपने फैसले पर कायम हैं।
ईश्वरप्पा पड़ोस की हावेरी लोकसभा सीट से अपने बेटे केई कांतेश को टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं। इसके बाद ही उन्होंने खुद शिवमोगा सीट से चुनाव लड़ने के ऐलान किया था, जहां से पार्टी ने फिर से बीएस येदियुरप्पा के बेटे और सांसद बीवाई राघवेंद्र को टिकट दिया है। ईश्वरप्पा का दावा है कि बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड और पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य येदियुरप्पा ने बेटे को टिकट देने का वादा करके उन्हें धोखा दिया है।

'लौह पुरुष' अमित शाह ने मुझे फोन किया था- ईश्वरप्पा
ईश्वरप्पा के मुताबिक, 'आज सुबह 'लौह पुरुष' अमित शाह ने मुझे फोन किया था। उन्होंने कहा कि आप इतने वरिष्ठ नेता हैं और चुनाव लड़ रहे हैं, जो कि चौंकाने वाला है। उन्होंने (शाह ने) मुझसे पूछा कि मैं क्यों लड़ रहा हूं।' शाह चुनाव प्रचार के सिलसिले में कर्नाटक पहुंचे थे।
वे बोले, 'अमित शाह ने मुझसे कहा कि चुनाव न लड़ूं और अपना नामांकन पत्र वापस ले लूं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सभी मांगों पर विचार किया जाएगा। तीन महीने पहले मैं दिल्ली गया था और मैंने उन्हें विस्तार (पार्टी की हालत) से बताया था, लेकिन परिस्थितियों में कोई अंतर नहीं आया।'
शाह ने मुलाकात के लिए दिल्ली बुलाया- भाजपा के बागी नेता
75 वर्षीय नेता के मुताबिक शाह ने उनसे कहा है कि 3 अप्रैल को उनसे दिल्ली में आकर मिलें। इसपर ईश्वरप्पा सहमत तो हो गए, लेकिन यह अनुरोध किया है कि उनपर उनके फैसले को वापस लेने का दबाव न डालें, क्योंकि इससे उन्हें दिक्कत होगी।
भाजपा के बागी दिग्गज नेता के अनुसार शाह ने उनसे यह भी वादा किया कि उनके बेटे के राजनीतिक भविष्य का ख्याल रखा जाएगा। वे बोले, 'मैंने अपने अपने बेटे से बात की जिसने मुझसे कहा कि मेरे भविष्य को लेकर चिंतत न हों और यह काफी है कि इससे बीजेपी की प्रदेश इकाई को मदद मिलेगी। मैं कल शाह से मिलने दिल्ली जा रहा हूं।'
हम और कार्यकर्ता पार्टी का शुद्धिकरण करना चाहते हैं- पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
लेकिन, इसके बाद ईश्वरप्पा ने मीडिया के सामने ऐसी बात रख दी, जो भाजपा नेताओं को परेशान कर सकती है। उन्होंने कहा, 'मैंने उन्हें (शाह को) बताया कि मैं चुनाव लड़ रहा हूं, क्योंकि जिस तरह से सभी कार्यकर्ता दुखी हैं, मैं भी बहुत आहत हूं, जो पार्टी का शुद्धिकरण करना चाहते हैं।'
'बीजेपी की कर्नाटक इकाई में कांग्रेस वाली संस्कृति पनप रही है'
बीजेपी के दिग्गज नेता का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस परिवारवादी राजनीति को खत्म करना चाहते हैं, बीजेपी की कर्नाटक यूनिट को भी उसका पालन करना चाहिए। उनके अनुसार, 'नरेंद्र मोदी ने आह्वान किया है कि एक राजनीतिक दल को एक पार्टी से मुक्त करें, लेकिन बीजेपी की कर्नाटक इकाई में कांग्रेस वाली संस्कृति पनप रही है।'
बीजेपी को पिता और पुत्र के नियंत्रण से मुक्त करना चाहता हूं- ईश्वरप्पा
ईश्वरप्पा ने दावा किया है कि 'मैं यह चुनाव बीजेपी को पिता और पुत्र के नियंत्रण से मुक्त करने के लिए लड़ रहा हूं।' उनका इशारा भाजपा के दिग्गज येदियुरप्पा, शिवमोगा से उनके सांसद बेटे राघवेंद्र और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और शिकारीपुरा से एमएलए बीवाई विजयेंद्र की ओर है।
कर्नाटक में लोकसभा की 28 सीटें हैं और भाजपा सभी सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है और इसके लिए ही उसने जेडीएस जैसी पार्टी के साथ भी गठबंधन किया है। 2019 में पार्टी राज्य में 25 सीटें जीती थी। लेकिन, जिस तरह से ईश्वरप्पा जैसे दिग्गज नेता पार्टी की नीतियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, उससे प्रदेश में पार्टी के मंसूबे के लिए चुनौती बढ़ गई है। (इनपुट-पीटीआई)












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