Lok Sabha Election 2024: चंद्रबाबू, नीतीश से लेकर शिंदे और चिराग, बीजेपी के आगे किसने रखी कौन सी डिमांड?
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव के नतीजे बीजेपी के मनमुताबिक नहीं रहे हैं। हालांकि, भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया हैं लेकिन सरकार बनाने के लिए इस बार बीजेपी को गठबंधन के सहयोगियों पर भी निर्भर रहना होगा।
जहां बीजेपी ने इस बार 240 सीटों पर दर्ज की है वहीं एनडीए के घटक दल टीडीपी ने 16, जेडीयू ने 12, शिव सेना ने 7, लोजपा (रामविलास) ने अपनी सभी 5 सीटों पर और जेडीएस ने 2 सीटों पर दर्ज की है। अन्य सहयोगी दलों को 1-1 सीटें मिली हैं।

सरकार बनाने के लिए बीजेपी को गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के सपोर्ट की जरुरत है। ऐसे में ये जरुरी है कि कोई भी दल गठबंधन से बाहर ना जाए और सभी दलों को साधे रखने के लिए सभी घटक दलों को खुश रखना भी जरुरी है।
सरकार बनाने को लेकर एनडीए में माथापच्ची
आज शाम दिल्ली में एनडीए की अहम बैठक हुई। टीडीपी के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू, जेडीयू नेता और बिहार के सीएम नीतीश कुमार, शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) नेता चिराग पासवान इस बैठक में शामिल हुए।
इन नेताओं के अलावा बीजेपी और उसके अन्य सहयोगी दलों के शीर्ष नेताओं के भी इस मीटिंग में भाग लिया। सबने सर्वसहमति से नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुना है। बैठक से पहले से ऐसी खबरें आ रही हैं कि एनडीए के सहयोगी दलों ने सरकार गठन से पहले ही बीजेपी पर दवाब बनाना शुरू कर दिया है।
सूत्रों की मानें तो जेडीयू ने कैबिनेट में 2 मंत्री और 2 राज्य मंत्री की मांग की है। इसके अलावा शिवसेना के एकनाथ शिंदे ने भी 1 कैबिनेट और 2 राज्य मंत्री चाहते हैं। इसके अलावा चिराग पासवान भी कैबिनेट में 1 और 1 राज्य मंत्री की मांग रख सकते हैं। साथ ही साथ जीतन राम मांझी भी मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाने की उम्मीद कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, टीडीपी सहित अन्य सहयोगी दलों की तरफ से भी डिमांड आनी शुरू हो गई है। इस सब में सबसे बड़ी डिमांड लोकसभा स्पीकर पद को लेकर होने वाली है जिस पर टीडीपी दावा करने लगी है। ऐसा बताया जा रहा है कि चंद्रबाबू नायडू 5 से लेकर 6 या फिर इससे भी ज्यादा मंत्रालय की मांग कर सकते हैं।
कौन से मंत्रालय पर हो सकती है टीडीपी की नजर?
- लोकसभा स्पीकर का पद
- सड़क-परिवहन
- ग्रामीण विकास
- स्वास्थ्य
- आवास एवं शहरी मामले
- कृषि
- जल शक्ति
- सूचना एवं प्रसारण
- शिक्षा
- वित्त (राज्य मंत्री)
स्पेशल स्टेटस की भी कर सकते हैं मांग
ऐसी चर्चा भी चल रही है कि चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के लिए और नीतीश कुमार बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग रख सकते हैं। दोनों ही राज्य लम्बे समय से स्पेशल स्टेटस की मांग करते रहे हैं।
स्पेशल स्टेटस का दर्जा उन राज्यों को दिया जाता है, जो ऐतिहासिक रूप से देश के बाकी हिस्सों की तुलना में पिछड़े हुए हों। इस बात का फैसला राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) लेता आया है।












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