Lockdown के बीच पूरे विधि विधान के साथ खुले केदारनाथ के कपाट, जानिए खास बातें
देहरादून। विश्व प्रसिद्ध भगवान केदारनाथ धाम के कपाट विधि विधान और पूजा अर्चना के बाद बुधवार सुबह 6:10 खोल दिए गए लेकिन लॉकडाउन की वजह से कपाट खुलते वक्त भक्तों की भीड़ यहां नहीं देखी गई, केदारनाथ धाम के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग की मौजूदगी में मंदिर के द्वार खोले गए।
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उनके साथ देवस्थानम बोर्ड के प्रतिनिधि के तौर पर बीडी सिंह समेत 20 कर्मचारी यहां पहुंचे थे, इसके अलावा पुलिस और प्रशासन के करीब 15 लोग यहां मौजूद रहे। इस बार मंदिर को फूलों के बजाय बिजली की लड़ियों से सजाया गया है और लॉकडाउन की वजह से भक्तों के मंदिर आने पर मनाही है।
चलिए आपको बताते हैं केदारनाथ धाम की कुछ खास बातें..
- 8ठवीं शताब्दी का भगवान शिव का यह मंदिर समुद्र तल से 3,581 मीटर की उंचाई पर स्थित है।
- यह मंदिर हिमपात के कारण हर साल अक्टूबर-नवंबर में बंद हो जाता है और अप्रैल-मई में दोबारा खोला जाता है।
- मंदाकिनी नदी के शीर्ष पर शोभायमान गढ़वाल हिमालय के बीच यह मंदिर स्थित है।
- देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल केदारनाथ धाम की प्रसिद्धि 5वें ज्योतिर्लिंग के रूप में है। यहां के शिवलिंग को स्वयंभू माना जाता है।
- पत्थरों से बने कत्यूरी शैली से बने इस मन्दिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण पाण्डव वंश के जनमेजय ने कराया था।
- आदि शंकराचार्य ने इस मन्दिर का जीर्णोद्धार करवाया। केदारनाथ के संबंध में लिखा है कि जो व्यक्ति केदारनाथ के दर्शन किये बिना बद्रीनाथ की यात्रा करता है, उसकी यात्रा निष्फल जाती है।
- केदारनाथ सहित नर-नारायण-मूर्ति के दर्शन का फल समस्त पापों के नाश पूर्वक जीवन मुक्ति की प्राप्ति बतलाया गया है।
- इस मन्दिर की आयु के बारे में कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है, पर एक हजार वर्षों से केदारनाथ एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल रहा है।












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