बढ़ रही है नफरत की आग, आतंकी संगठनों में कश्मीरी युवकों की भर्ती बढ़ी, सुरक्षा एजेंसियों का दावा
श्रीनगर। रमजान के पवित्र महीने में भी कश्मीर नफरत की आग में सुलग रहा है, जहां सरहद पर पाकिस्तान की ओर से लगातार सीज फायर का उल्लंघन जारी है वहीं दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियों ने एक चौंकाने वाली बात कही है। एजेंसी के मुताबिक इस वक्त आतंकी संगठनों में स्थानीय युवकों की भर्तियां बढ़ गईं हैं, जो कि एक चिंता का विषय है। एजेंसी के दावे के मुताबिक इस वक्त घाटी में नफरत की आग चरम सीमा पर है, जिसके चलते भारी संख्या में लड़के अब आतंकी संगठनों को चुन रहे हैं।

शोपियां और पुलवामा जिले के हालात सबसे खराब
यही नहीं एजेंसी के मुताबिक इस वक्त एलओसी पर विभिन्न तरफ से घुसपैठ की कोशिशें भी बढ़ी हैं। दक्षिण कश्मीर सबसे ज्यादा हिंसा और नफरत की आग में सुलग रहा है और इसी वजह से शोपियां और पुलवामा जिले से सबसे ज्यादा युवाओं ने आतंकी संगठनों को अपने करियर के रूप में चुन लिया है।

ISIS-कश्मीर और असंर-गजवात-उल-हिंद
आपको जानकर हैरत होगी कि इन्हीं दोनों जगहों में सबसे ज्यादा युवा ISIS-कश्मीर और असंर-गजवात-उल-हिंद जैसे आतंकी संगठनों में शामिल हो रहे हैं।

अब तक 80 युवाओं ने आतंकी संगठन ज्वाइन किया
आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में 20 युवकों ने आतंकी संगठनों का दामन थामा है। अचरज तो ये है इन संगठनों में वो युवा भी शामिल है, जो कि काफी पढ़े-लिखे और होशियार हैं। 2017 में जम्मू-कश्मीर के कुल 126 युवाओं ने आंतक का रास्ता चुना था।

भटक रहे हैं युवागण
साल 2014 के बाद से घाटी में ऐसे युवाओं की संख्या बढ़ी है जिन्होंने नफरत का रास्ता चुना था।अभी ये साल बीता भी नहीं है और अभी अस्सी के करीब युवाओं ने आंतक और हिंसा की राह पकड़ते हुए आतंकी सगंठनों का अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है, जो कि एक गंभीर विषय है।












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