बहुमत से चूके तो एलके आडवाणी ही बनायेंगे नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री

यह सब कैसे होगा, यह जानने के लिये सबसे पहले चलते हैं गांधीनगर जहां आडवाणी ने लोकसभा चुनाव का नामांकन पत्र दाखिल किया है। आडवाणी ने नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद कहा, "मोदी देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। गुजरात से चुनाव न लड़ने का उनका इरादा कभी नहीं था। 1947 में देश के विभाजन के बाद उन्हें इसी क्षेत्र ने पनाह दी थी, आज जिसका नाम गुजरात है। आज उसी गुजरात से देश की नई दिशा तय करने के लिये हम निकले हैं।"
अब आइये तमाम टीवी चैनलों के ओपिनियन पोल्स के परिणामों पर। लगभग सभी सर्वेक्षण कह रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में तो उभरेगी, लेकिन बहुमत से 10 से 15 सीटें पीछे रह जायेगी। जाहिर है नरेंद्र मोदी तभी प्रधानमंत्री बनेंगे, जब एनडीए से अन्य दल गठबंधन करेंगे और इस काम में आडवाणी से माहिर और कोई नहीं है भाजपा में।
चुनाव परिणाम आने के बाद अगर एनडीए को अन्य दलों के समर्थन की जरूरत पड़ी तो भाजपा में सिर्फ आडवाणी ही एक ऐसे व्यक्ति हैं, जो विरोधी दलों में जाकर उनके नेताओं को मना सकते हैं। अन्यथा अगर राजनाथ या अरुण जेटली ने बात की, तो अन्य दल मोदी को पीएम नहीं बनाने की शर्त रख सकते हैं। दूसरा सबसे बड़ा कारण यह है कि विरोधी दल के तमाम नेता आडवाणी को बाकियों की तुलना में ज्यादा मानते हैं और उनपर ज्यादा भरोसा करते हैं।
लिहाजा अगर मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिये विरोधी दलों के मान मनव्वल की जरूरत पड़ी तो आडवाणी ही उनके खेवनहार बनेंगे।












Click it and Unblock the Notifications