लाइफ किंग साइज! सिर्फ 15,000 रुपये का टिकट, 342 सीटों वाले वाले विमान में अमृतसर से अकेले दुबई गया शख्स
अमृतसर, 25 जून: पंजाब के पटियाला के रहने वाले एक शख्स ने करीब तीन दशक पहले दुबई में मैकेनिक के तौर पर अपना करियर शुरू किया था। कोरोना काल में वक्त ने ऐसी करवट ली है कि 23 जून को अमृतसर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया का एक विशाल विमान और उसके सारे क्रू मेंबर सिर्फ उनके ही इंतजार में खड़े थे। हां, आज वो बड़े बिजनेसमैन जरूर बन चुके हैं, लेकिन उन्होंने विमान का टिकट आम यात्रियों की तरह सिर्फ 15,000 रुपये में ही खरीदा था। लेकिन, फिर भी परिस्थितियां ऐसी बनीं कि वह विमान एक पैसेंजर के साथ ही दुबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लैंड हुआ।

'एयर इंडिया ने अद्भुत यात्रा बना दिया'
दुबई के कारोबारी और समाजसेवी एसपी सिंह ओबेरॉय ने अपने राजसी ठाट वाले शाही सफर के बारे में फेसबुक पोस्ट पर लिखा है- "कभी-कभी महत्वपूर्ण परिस्थितियों में हमें जीवन भर संजोने के अवसर मिलते हैं । संयुक्त अरब अमीरात और भारत सरकार को यादगार यात्रा बनाने के लिए सराहना करते हैं, विशेष सेवाओं के लिए एयर इंडिया को धन्यवाद, आपने इसे एक अद्भुत यात्रा बना दिया।" परिवार वालों और दोस्तों की ओर से यात्रा में आने वाली अड़चनों को लेकर मना करने के बावजदू ओबेरॉय ने जब कोरोना लॉकडाउन के दौरान अमृतसर से दुबई के लिए एयर इंडिया का टिकट बुक किया था, तब उन्हें जरा भी इल्म नहीं था कि महज 740 दिरहम खर्च करके उन्हें किंग साइज! सफर का मौका मिलने वाला है। 740 दिरहम यानी करीब 14,949 रुपये।

हमेशा के लिए यादगार बन गया सफर
बीते बुधवार को एसपी सिंह ओबेरॉय ने एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर एआई 929 में पंजाब के अमृतसर से संयुक्त अरब अमीरात के दुबई तक अकेले यात्रा की। उनके अलावा 342 सीटों वाले इस विमान में दूसरा कोई भी पैसेंजर नहीं था। जानकारी के मुताबिक विमान में न सिर्फ पायलट ने उनका अभिवादन किया, बल्कि अकेले यात्री होने की वजह से उनके साथ 'राजसी बर्ताव' हुआ। विमान में उनके अलावा खाली सीटों की कई तस्वीरें खींची गईं। मूल रूप से पटियाला के रहने वाले ओबेरॉय जब दुबई के लिए रवाना हो रहे थे तब उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनका यह सफर हमेशा के लिए यादगार बनने जा रहा है।

गोल्डन वीजा की वजह से मिला ये मौका
दुबई में रहने वाले ओबेरॉय एक प्रवासी भारतीय हैं और बीते 12 जून को ही अपने देश आए थे। उनके पास 10 साल का गोल्डन वीजा है और इस शानदार सफर में उसने भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। यूएई ने बीते 24 अप्रैल से कोरोना की दूसरी लहर के चलते भारत से यात्रा पर पाबंदी लगा रखी है। लेकिन, उसने राजनयिकों, गोल्ड वीजा होल्डर्स और यूएई के नागरिकों को इस प्रतिबंध से छूट दे रखी है। ओबेरॉय को इसी का फायदा मिला कि उन्हें विमान में अकेले यात्रा करने का मौका मिल गया।

'मैं अपने कदमों से विमान की लंबाई नाप रहा था....'
असल में 19 जून को संयुक्त अरब अमीरत की ओर से घोषणा की गई थी कि 23 जून से दोनों देशों के बीच वह आम लोगों को विमान यात्रा की इजाजत दे देगा। लेकिन, इसकी शुरुआत नहीं हुई। ऐसे में अपनी इस यात्रा के आनंद पर चुटकी लेते हुए उन्होंने खलीज टाइम्स से कहा है कि 'मैं अपने कदमों से विमान की लंबाई नाप रहा था....।' दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अपने अनुभव के बारे में उन्होंने बताया है कि 'एयरपोर्ट पर मेरा पीसीआर टेस्ट हुआ। एयरपोर्ट के कर्मचारियों ने मुझसे मेरे सह-यात्रियों के बारे में पूछा, और उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि फ्लाइट में केवल मैं ही था।' (पहली तस्वीरे के अलावा सभी सांकेतिक)












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