'भतीजे ने बुआ मायावती को खुश करने के लिए किया सत्ता का दुरूपयोग'

लखनऊ। पक्ष दो हैं, मामला एक है..जी हां दोनों ही ओर से। अभद्र भाषा का प्रयोग। शुरूआत दयाशंकर सिंह से हुई तो बसपाईयों ने हद ही पार कर दी। जिसके विरोध में बीते कल यानि की गुरूवार को भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने विरोध प्रदर्शन भी किया और महिला कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प भी हुई। लाठीचार्ज किया गया, जिसकी वजह से कई महिलाओं को चोटें आई हैं।

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इस पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने बसपा-सपा पर जोरदार जुबानी हमला किया।

पुरूष पुलिस कर्मियों द्वारा महिलाओं पर बल प्रयोग

प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों को महिला पुलिस कर्मियों के बजाए पुरूष पुलिस कर्मियों द्वारा रोक कर बल प्रयोग कर चोटें पहुंचाई गई हैं। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं ये साबित करता है कि बुआ को सौगात देने के लिए भतीजे ने सत्ता का दुरूपयोग करने में संकोच नहीं किया। सपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शन को असफल बनाने के लिए कई हथकंडे अपनाए गए, लेकिन बड़ी संख्या में महिलाओं ने राजधानी में पहुंचकर यह बता दिया कि वे बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगी।

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परिवार का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं

केशव ने कहा कि दयाशंकर की टिप्पणी को अनुचित मानते हुए उन्हें भाजपा से निष्कासित किया जा चुका है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पार्टी अपने किसी पूर्व नेता के परिवार का अपमान देखती रहेगी।

महिला प्रदर्शनकारियों को लगीं चोटें

धक्का-मुक्की के दौरान कई महिलाओं को चोटें लगीं। इनमें लखनऊ से सीमा स्वर्णकार, आगरा से मीनू, गोरखपुर से प्रीति सिंह को सिविल अस्पताल और उसके बाद ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। जहां पर प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने घायल महिलाओं का हालचाल लिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं पर बर्बरता के लिए भाजपा सपा को कतई माफ नहीं करेगी।

बसपा सुप्रीमों मायावती ने दी फिर से सफाई

मायावती ने भाजपा पर पूरे मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बसपा कार्यकर्ताओं एवं नेताओं द्वारा दिए गए बयानों पर फिर से सफाई देते हुए कहा कि बसपा के धरना प्रदर्शन के दौरान दयाशंकर की मां, पत्नी व बेटी को पेश करने का मतलब सार्वजनिक तौर पर उनसे सिर्फ यह पूछना था कि दयाशंकर ने बीएसपी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ जो टिप्पणी की है क्या वे उसका समर्थन करती हैं?

जनता ने कहा ''माया देवी ये सफाई कुछ समझ न आई''

लोगों ने बातचीत के दौरान वन इंडिया से अपनी बात को शेयर करते हुए कहा कि बसपा सुप्रीमों मायावती का ये बहाना कुछ पच नहीं पा रहा कि बयान एक राजनीति विशेष व्यक्ति का, जिसमें परिवार से राय ली जा रही हैं। मायावती जी के तमाम संदर्भों में उनके भाईयों से किसी पार्टी ने अब तक कोई सवाल नहीं किया। साफ तौर पर यह कहा जा सकता है कि मुद्दे को एक अलग दिशा में मोड़ने की कवायद बसपाईयों द्वारा की जा रही है। और भाजपा तो मुद्दों को कैच करने में माहिर है ही। बेटी के सम्मान में, भाजपा मैदान में....लोगों की सहानुभूति प्राप्त करने और दयाशंकर के बयान से हुए इमेज लॉस की भरपाई करने का अच्छा तरीका है।

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