राजस्थान सरकार ने 'दामाद जी' को आवंटित जमीन का सौदा रद्द किया
बीकानेर। राजस्थान में भाजपा की सरकार आने के बाद रॉबर्ट वाड्रा पर शिकंजा कसने के कयास लगाये जा रहे थे। आखिरकार राजस्थान सरकार ने रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ पहला बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने की कंपनी के साथ हुए जमीन के सौदे को करके जमीन पर फिर से कब्जा वापस ले लिया है।

बीकानेर के कोलायत क्षेत्र में 360 हेक्टेयर जमीन के सौदे को राजस्थान सरकार ने रद्द कर दिया है। वहीं सूत्रों का कहना है कि रद्द की गयी जमीन में 75 हेक्टेयर जमीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की एक कंपनी ने खरीदी थी।
वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि 360 हेक्टेयर जमीन 2006-07 में कुछ गांववालों को जमीन दी गई थी। इन गांववालों को गलत तरीके से सेना की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के निर्माण के दौरान विस्थापित किसान के तौर पर दिखाया गया था। फायरिंग रेंज में विस्थापित वास्तविक किसानों को 1992 से 1996 के बीच जमीन अलॉट कर दी गई थी।
वहीं जब इस गड़बड़ी का 2010 में जब खुलासा हुआ तो उस समय की कांग्रेस सरकार ने इसपर कोई कार्यवाही नहीं की। कोलायत के तत्कालीन गजेंद्र सिंह नैन ने गजनेर में और कोलायत पुलिस स्टेशन में 16 किसानों और कुछ राजस्व अधिकारियों के खिलाफ 15 एफआईआर दर्ज कराई थी। वहीं यहा के एसडीएम का कहना है कि मामले की जांच चल रही है कि कैसे किसानों ने खुद को विस्थापित दिखाकर जमीन का सौदा किया।
कोलायत के एसडीएम रण सिंह ने हमने जमीन के स्वामित्व को रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह जमीन गलत तरीके से बेची गयी थी। बताया जा रहा था कि इस जमीन को गलत तरीके से खुद को विस्थापित किसान बताकर खरीदी गयी थी। इसमें से कुछ जमीन वाड्रा की फर्म स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी ने खरीदी थी।












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