सुप्रीम कोर्ट से यूपी सरकार को फटकार, पूछा- अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुआ आशीष मिश्रा?

अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुआ आशीष मिश्रा? सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर: यूपी के लखीमपुर खीरी में बीते रविवार को किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। यूपी सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रख रहे सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे से सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि इस मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी अभी तक क्यों नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस केस को लेकर आशीष मिश्रा पर दर्ज मुकदमे में जो आरोप लगाए गए हैं, वो काफी गंभीर हैं।

'क्या दूसरे आरोपियों को भी नोटिस भेजे जाते हैं?'

'क्या दूसरे आरोपियों को भी नोटिस भेजे जाते हैं?'

इस केस में यूपी सरकार की तरफ से एडवोकेट हरीश साल्वे ने पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में जिस नौजवान (आशीष मिश्रा) को निशाना बनाया जा रहा है, उसे पूछताछ के लिए नोटिस दिया गया है और वो कल यानी शनिवार सुबह 11 बजे पुलिस के सामने पेश होगा। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आशीष मिश्रा के खिलाफ आरोप बेहद गंभीर हैं। इस पर हरीश साल्वे ने कहा कि अगर आशीष मिश्रा पुलिस के सामने पेश नहीं होता, तो कानून की सख्ती का सहारा लिया जाएगा। हरीश साल्वे की इस दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या यूपी सरकार दूसरे आरोपियों के साथ भी नोटिस भेजने जैसा व्यवहार करती है।

Recommended Video

    Lakhimpur Kheri: केंद्रीय मंत्री Ajay Mishra के घर के बाहर चिपकाया दूसरा नोटिस | वनइंडिया हिंदी
    'किस आधार पर आरोपी को हिरासत में नहीं लिया गया?'

    'किस आधार पर आरोपी को हिरासत में नहीं लिया गया?'

    सुप्रीम कोर्ट के इस सवाल पर हरीश साल्वे ने दलील दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतकों के शरीर पर गोली का कोई निशान नहीं मिला है, इसीलिए आशीष मिश्रा को नोटिस भेजकर बुलाया गया है। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि जब किसी के ऊपर मौत या बंदूक की गोली से घायल होने का गंभीर आरोप हो, तो क्या इस देश में आरोपियों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा? सुप्रीम कोर्ट के इस सवाल पर हरीश साल्वे ने कहा कि पुलिस को मौके से केवल दो कारतूस मिले हैं, हो सकता है कि आरोपी का कोई गलत उद्देश्य रहा हो। इसपर सीजेआई ने हरीश साल्वे से पूछा, तो क्या इसी आधार पर आरोपी को हिरासत में नहीं लिया जा रहा?

    'जब तक केस किसी और एजेंसी के पास नहीं जाता, सबूत सुरक्षित रखें'

    'जब तक केस किसी और एजेंसी के पास नहीं जाता, सबूत सुरक्षित रखें'

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों से संतुष्ट नहीं है। सीजेआई ने हरीश साल्वे से कहा, 'जब तक इस केस को कोई और एजेंसी अपने हाथ में नहीं लेती, अपने डीजीपी से कहिए कि वो यह सुनिश्चित करें कि मामले से जुड़े सभी सबूत सुरक्षित रहें।' सुप्रीम कोर्ट ने इस बात को भी नोट किया कि यूपी सरकार की तरफ से पेश वकील हरीश साल्वे ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले में सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए डीजीपी को सूचित किया जाएगा।

    सुप्रीम कोर्ट ने लिया है मामले का स्वत: संज्ञान

    सुप्रीम कोर्ट ने लिया है मामले का स्वत: संज्ञान

    आपको बता दें कि बीते रविवार को लखीमपुर खीरी हिंसा में 4 किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा मुख्य आरोपी हैं, जिनके ऊपर किसानों को गाड़ी से कुचलने का आरोप है। लखीमपुर खीरी की इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए गुरुवार को सुनवाई शुरू की थी।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+