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Ladakh Violence: सोनम वांगचुक गिरफ्तार, NSA के तहत कार्रवाई, कितने साल की हो सकती है सजा?

Sonam Wangchuk Arrest: लेह में बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शन और हिंसा के मामले में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया है। वांगचुक लद्दाख को राज्य और छठी अनुसूची का दर्जा दिलाने के लिए पिछले 14 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने हिंसा भड़का दी और बीजेपी कार्यालय में आग लगा दी।

इससे पहले, सोनम वांगचुक की NGO SECMOL का FCRA लाइसेंस रद्द कर दिया गया था, और इस मामले की जांच अब CBI कर रही है।

Sonam Wangchuk Arrest

क्या है मामला?

24 सितंबर, 2025 को लेह में लद्दाख को राज्य और छठी अनुसूची का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया। इस हिंसक झड़प में कम से कम 4 लोगों की मौत हुई और लगभग 90 लोग घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर तोड़फोड़ की और शहर के बीजेपी कार्यालय में आग लगा दी।

हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने लेह में कर्फ्यू लगा दिया। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने कर्फ्यू का कड़ाई से पालन कराया। अब तक 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

सुरक्षा के मद्देनजर, लेह जिला मजिस्ट्रेट ने दो दिन के लिए सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद करने का आदेश दिया। इसके अलावा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लेह के साथ-साथ कारगिल और अन्य महत्वपूर्ण शहरों में धारा 144 लागू कर दी गई। उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने हाईलेवल सुरक्षा बैठक की और इस हिंसा को षड्यंत्र का नतीजा बताते हुए सभी अधिकारियों को सतर्क रहने और सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए।

वांगचुक के समर्थन में आए केजरीवाल

वहीं सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर राजनीति भी तेज हो गई है। आप प्रमुख और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने सरकार के एक्शन पर सवाल उठाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि, 'रावण का भी अंत हुआ था। कंस का भी अंत हुआ था। हिटलर और मुसोलिनी का भी अंत हुआ था। और आज उन सब लोगों से लोग नफ़रत करते हैं। आज हमारे देश में तानाशाही चरम पर है। तानाशाही और अहंकार करने वालों का अंत बहुत बुरा होता है।'

ये भी पढ़ें: Leh Ladakh Violence: सोनम वांगचुक के संगठन का गृह मंत्रालय ने लाइसेंस किया कैंसिल, लगे हैं ये गंभीर आरोप

उमर अब्दुल्ला ने भी सरकार पर उठाया सवाल

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'वो गिरफ्तार हो गए? यह दुखद है। जिस तरह से कल से केंद्र सरकार उनके पीछे लगी हुई है, ऐसा लग रहा था कि कुछ ऐसा हो सकता है। उन्हें वादे किए गए थे, बिलकुल वैसे ही जैसे हमारे साथ किए गए थे। अब मुझे समझ नहीं आता कि केंद्र सरकार को उन वादों को तोड़ने के लिए क्या मजबूर करता है।'

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) क्या है, जिसके तहत ये कार्रवाई हुई?

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National Security Act, 1980) केंद्र या राज्य सरकार को यह अधिकार देता है कि अगर उसे लगता है कि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बाधा डाल रहा है या आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति में बाधा पैदा कर रहा है, तो सरकार उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकती है।

NSA के तहत:

  • संदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी आरोप के 12 महीने तक जेल में रखा जा सकता है।
  • यह कानून सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बनाया गया था।
  • इसे 23 सितंबर, 1980 को इंदिरा गांधी की सरकार के दौरान लागू किया गया था।

ये भी पढ़ें: लेह में बवाल के बीच Sonam Wangchuk के स्कूलों पर CBI का शिकंजा, जानें क्या है पूरा आरोप?

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