Article 370: लद्दाख होगा भारत का पहला बौद्ध बहुसंख्यक प्रदेश
जम्मू-कश्मीर राज्य से अनुच्छेद 370 हटने और लद्दाख और जम्मू-कश्मीर को दो अलग केंद्र शासित प्रदेशों में तब्दील होने के बाद लद्दाख देश का पहला ऐसा राज्य के रूप में उभर कर सामने आया हैं, जहां बौद्ध अनुयायी बहुसंख्यक हो गए हैं। 31 अक्टूबर को केद्र प्रशासित प्रदेश के रुप में उभरने वाले लद्दाख में बौद्ध अनुयायियों की जनसंख्या करीब 1.33 लाख है।

लद्दाख के केद्र शासित प्रदेश बनने पर श्रीलंकाई प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने ट्वीट करके भारत सरकार को बधाई देते हुए कहा कि 70 फीसदी बौद्ध अनुयायी के साथ लद्दाख अब बौद्ध बहुसंख्यक वाला पहला राज्य बन गया है। बकौल विक्रमसिंघे, मैं समझता हूं कि लद्दाख आखिरकार केंद्र शासित प्रदेश बन गया है 70 फीसद से अधिक बौद्धों के साथ यह पहला भारतीय राज्य होगा।
श्रीलंकाई प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने आगे कहा कि लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने का फैसला भारत का आंतरिक मामला है। विक्रमसिंघे अपने ट्वीट में लिखा कि उन्होंने कि लद्दाख का दौरा किया है और यह स्थान यात्रा के लायक है.
गौरतलब है केंद्र शासित प्रदेश उत्तरी भारत के जम्मू और कश्मीर प्रान्त में एक स्थित है, जो उत्तर में काराकोरम पर्वत और दक्षिण में हिमालय पर्वत के बीच में है। लद्दाख का क्षेत्रफल 97,776 वर्ग किलोमीटर है, जिसके उत्तर में चीन और पूर्व में तिब्बत की सीमा लगती हैं।

दरअसल, सीमावर्ती स्थिति के कारण सामरिक दृष्टि से लद्दाख का बड़ा महत्व है, इसलिए भारत सरकार को सरहद पर पाकिस्तान और चीन की हलचलों पर कड़ी सतर्कता रखनी पड़ती है। खबरों की मानें तो जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छिनने से नाराज चल रहे पाकिस्तान वायुसेना के तीन सी-130 परिवहन विमानों को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख सीमा के पास तैनात कर रही है।
पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमान भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की सीमा के पास पाकिस्तानी स्कार्दू हवाई अड्डे पर तैनात किए जा रहे हैं। इस पर सेना और इंटेलीजेस एजेंसी अलर्ट पर हैं। इस ख़बर के सामने आने के बाद संबंधित भारतीय एजेंसियां सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तानियों की आवाजाही पर कड़ी नजर रख रही हैं।
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