Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Ladakh News: लद्दाख में बड़े प्रोजेक्ट्स पर केंद्र की सीधी नजर, LG के अधिकार घटे, ये नियम बदले

Ladakh News: लद्दाख में विकास कार्यों और बड़े प्रोजेक्ट्स की मंजूरी का सिस्टम में केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब गृह मंत्रालय (MHA) लद्दाख के महंगे और बड़े खर्च वाले प्रोजेक्ट्स को सीधे मंजूरी देगा। पहले यह अधिकार उपराज्यपाल (LG) और वरिष्ठ अधिकारियों के पास था, लेकिन नई व्यवस्था के बाद उनके अधिकार काफी घटा दिए गए हैं।

शुरुआत में उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने एक नया आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि अब लद्दाख में इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य बड़े विकास कार्यों से जुड़े अधिकांश प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने का अंतिम अधिकार केंद्र के पास होगा। इस बदलाव के बाद लद्दाख की वित्तीय व्यवस्था पर नई दिल्ली की सीधी निगरानी बढ़ गई है।

Ladakh New Rules

पहले क्या था, अब क्या बदला?

पहले उपराज्यपाल और वरिष्ठ अधिकारी खुद ₹100 करोड़ तक के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे सकते थे। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) वाले प्रोजेक्ट्स भी इसी सीमा के अंदर आते थे।

लेकिन अब यह अधिकार वापस ले लिया गया है। अब ₹100 करोड़ तक के सभी बड़े प्रस्तावों को सीधे गृह मंत्रालय भेजना होगा। यानी बिना एमएचए की अनुमति, कोई भी बड़ा प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया जा सकेगा।

ये भी पढे़ं: Ladakh violence: LAB ने केंद्र के साथ बातचीत का किया बायकॉट, शांति बहाल होने तक नहीं होंगी बैठकें

किस नियम के तहत बदले अधिकार?

यह बदलाव 'Delegation of Financial Power Rules, 2024' के नियम 12(3) के तहत लागू किए गए हैं। आगे भी केंद्र सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक इन नियमों में बदलाव हो सकता है।

अधिकारियों के अधिकार कम किए गए

प्रशासनिक सचिव पहले काफी बड़े खर्च मंजूर कर सकते थे, लेकिन अब वे केवल ₹20 करोड़ तक की राशि ही स्वीकृत कर सकेंगे। इससे ज्यादा खर्च के लिए उन्हें प्रस्ताव सीधे केंद्र सरकार को भेजना होगा।

तकनीकी अधिकारियों-जैसे AEE, Executive Engineer और Chief Engineer-के अधिकारों में बदलाव नहीं किया गया है। वे पहले की तरह ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ तक के काम मंजूर कर सकेंगे। हालांकि, ₹40 करोड़ से ₹100 करोड़ तक के सभी प्रोजेक्ट्स की मंजूरी एमएचए से ही लेनी होगी।

ये भी पढे़ं: Ladakh Violence: सोनम वांगचुक को मिलेगी राहत? पत्नी गीतांजलि की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

कई विभाग अब सीधे केंद्र से अनुमोदन लेंगे

नए नियमों का असर वानिकी, वन्यजीव, सड़कों, पुलों और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर विभागों पर भी पड़ेगा। इन क्षेत्रों में बड़े खर्च वाले हर काम के लिए अब केंद्र से अनुमति लेना जरूरी होगा। इससे इन विभागों पर केंद्र सरकार की निगरानी बढ़ जाएगी।

सख्त नियम और प्रक्रियाएँ लागू

नए आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी विभागों को कोडल प्रक्रियाएँ, प्रोक्योरमेंट मैनुअल, GFR (General Financial Rules) और DFPR (Delegation of Financial Power Rules) का सख्ती से पालन करना होगा।

उपराज्यपाल को अभी भी स्वत्व आधार (proprietary) या एकल-टेंडर (single-tender) वाले कामों को मंजूरी देने का अधिकार है, लेकिन यह सीमा ₹10 करोड़ तक ही होगी। साथ ही हर ऐसा मामला पहले वित्त विभाग की जांच से गुजरेगा।

पुराने प्रोजेक्ट्स पर कोई असर नहीं

जो प्रोजेक्ट पहले ही मंजूर हो चुके हैं, वे पुराने नियमों के तहत ही आगे बढ़ेंगे। लेकिन नई परियोजनाओं को पहले प्लानिंग डेवलपमेंट मॉनिटरिंग डिपार्टमेंट से होकर पास होना होगा, और उसके बाद उन्हें अंतिम अनुमति के लिए एमएचए भेजा जाएगा।

क्या असर होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे-वित्तीय अनुशासन बढ़ेगा, पारदर्शिता मजबूत होगी, लेकिन स्थानीय प्रशासन का फ्रीडम इससे काम हो जाएगा कम हो जाएगा। इससे बड़े प्रोजेक्ट्स की मंजूरी में समय भी बढ़ सकता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+