कर्नाटक में 'दही' पर मचे बवाल पर कुमारस्वामी बोले- ये भूल नहीं भाजपा की ये साजिश है, जताया ये अंदेशा
कर्नाटक में 'दही' शब्द पर मचे बवाल पर कुमारस्वामी ने बोले- साढ़े छह करोड़ कन्नड़ लोगों की भावनाओं के साथ खेला गया

कर्नाटक चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद राज्य में दक्षिण भारतीयों पर हिंदी भाषा थोपने का बवाल शुरू हो चुका है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) और भाजपा सरकार के कर्नाटक दुग्ध महासंघ (केएमएफ) को दही के पैकेट पर हिंदी शब्द 'दही' प्रमुखता से लेबल करने और कन्नड़ शब्द 'मोसरू' को कोष्ठक में करने के निर्देश के लिए फटकार लगाई है। हालांकि बवाल मचने पर FSSAI ने दही के पैकेट का नाम बदलने का आदेश वापस ले लिया है।
कर्नाटक में हिंदी भाषा थोपने की साजिश
कुमारस्वामी ने कहा यह स्वीकार्य नहीं है। केएमएफ के प्रोडक्ट नंदिनी डेयरी के कर्ड पर 'दही' शब्द छापना गलत है। कर्नाटक में हिंदी भाषा थोपने के लिए के विरोध को जानने के बावजूद ये किया गया है। उन्होंने कहा डबल इंजन सरकार और उसकी सहायक कंपनी केएमएफ ने चुपचाप इस पर सहमति जताई है।
यह कन्नड़ विरोधी काम है
जेडीएस प्रमुख ने कहा हिंदी थोपना पिछले दरवाजे से नहीं हुआ है। आरोप सीधे आ गया है। उन्होंने कहा डबल इंजन सरकार और उसकी सहायक कंपनी केएमएफ ने इस पर चुपचाप सहमति जता दी है। यह कन्नड़ विरोधी काम है। याद रहे
कन्नड़ लोगों की भावनाओं के खिलाफ है ये काम
कुमारस्वामी ने कहा अदृश्य हाथों की भूमिका स्पष्ट है। यह राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के ज्ञान के बिना संभव नहीं है। साढ़े छह करोड़ कन्नड़ लोगों की भावनाओं के खिलाफ हिंदी शब्द 'दही' का प्रकाशन एक बड़ी भूल है, सफाई में ये कहा गया।
कुमारस्वानी ने जताई ये आशंका
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि ये साजिश कन्नड़ भाषा को कम करने और हिंदी भाषा को चोरी-छिपे लागू करने और अंत में नंदिनी उत्पादों को डुबाने की है। यह नंदिनी का अमूल में विलय सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा। अमूल में नंदिनी के विलय के अमित शाह के बयान की निंदा की गई थी। मैंने भी इसकी निंदा की थी। शांत रहने वाली भाजपा सरकार ने FSSAI के माध्यम से हिंदी को लागू करना सुनिश्चित किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह कर्नाटक पर भाजपा के प्रभुत्व का प्रदर्शन है?
ये कर्नाटक है गुजरात की कोई कालोनी नहीं है
जेडीएस प्रमुख और राज्य के पूर्व सीएम ने कहा मैंने मान लिया था कि कर्नाटक में पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की यात्रा चुनाव के उद्देश्य से थी। मैंने नहीं सोचा था कि उनकी यात्राओं से हमारे ब्रांड नंदिनी को खतरा होगा। उन्होंने कहा नंदिनी ब्रांड अमूल ब्रांड का सहयोगी नहीं है। कर्नाटक भारतीय संघीय प्रणाली का एक राज्य है। यह गुजरात की कोई कालोनी नहीं है। यदि हम संघीय प्रणाली के लिए सहमत हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि कोई हस्तक्षेप कर सकता है। हमारी विनम्रता एक कमजोरी है।












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