मंगलुरु फायरिंग पर बोले कुमारस्वामी- पुलिस की वर्दी में थे RSS के लोग
नई दिल्ली। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस के वरिष्ठ नेता एच डी कुमारस्वामी ने रविवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान मंगलोर फायरिंग में से जान गंवाने वाले शख्स के परिजनों से मुलाकात की। वहीं उन्होंने फायरिंग का जिम्मेदार राज्य के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई को ठहराते हुए बर्खास्त करने की मांग की। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि, आरएसएस के लोग शायद पुलिस की वर्दी पहने हुए थे। उन्हें अब निकाल दिया गया होगा लेकिन मुझे इसके बारे में पता नहीं है।

संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए कुमारस्वामी ने दावा किया कि पुलिस आयुक्त डॉ पी एस हर्ष ने घटना के बारे में झूठ बोला है। गोलीबारी से जुड़े तथ्य पुलिस विभाग द्वारा छिपाए जा रहे हैं।
बता दें कि तटीय शहर मेंगलूरु में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद हुई पुलिस फायरिंग में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी। जिसके बाद वहां पर राजनेताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
इंस्पेक्टर शाताराम कुंदर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने ने पुलिस फायरिंग में मारे गए दो लोगों का नाम आरोपी के तौर पर दर्ज किए जाने पर विभाग के कदम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि, मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को इस घटना को लेकर कोई पछतावा नहीं है। और ना ही वह इसे स्वीकार कर रहे हैं। दो परिवारों ने अपने बेटों को खो दिया है जो उनके कष्टों के बारे में जानते हैं। बता दें कि, मंगलुरु हिंसा में प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग में जलील (49) और नौसीन (23) की मौत हो गई थी।
कुमारस्वामी ने मंगलुरु शहर के उप-शहरी इलाके के प्रशासन में आरएसएस नेता प्रभाकर भट की भूमिका पर भी सवाल उठाए। कुमारस्वामी ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये के चेक भी प्रदान किये। इस बीच मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है।












Click it and Unblock the Notifications