आम आदमी पार्टी के लिए अमेठी में 'रिस्क फैक्टर' साबित होंगे कुमार विश्वास!
नई दिल्ली। कुमार विश्वास आम आदर्मी पार्टी, आप पार्टी का एक ऐसा चेहरा जो अमेठी में पार्टी का किला जीतने की कोशिशों में लगा हुआ है। लेकिन इस बीच एक खबर ऐसी आई है जिसके बाद लगने लगा है कि कहीं विश्वास अमेठी में पार्टी के लिए 'रिस्क फैक्टर' न साबित हो जाएं।
विश्वास और आप पार्टी दोनों ही एक दूसरे पर से भरोसा खोते जा रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की खबरें आनी शुरू हुई हैं। इससे पहले भी इस तरह की बातें हो चुकी हैं।
सूत्रों की मानें तो विश्वास, केजरीवाल से नाराज हैं। विश्वास को इस बात का मलाल है कि पार्टी के नेताओं की ओर से उन्हें कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा है। वहीं पार्टी भी विश्वास की भाजपा और संघ परिवार से उनकी नजदीकी को लेकर आशंकित है। खबरें तो यहां तक हैं कि विश्वास चुनाव जीतने के बाद भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
विश्वास से जुड़े सूत्र बताते हैं कि विश्वास को इस बात का मलाल है कि उनकी पार्टी का सारा फोकस बस नरेंद्र मोदी पर ही आ गया है। पार्टी अमेठी में कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरने की बजाय सिर्फ मोदी पर ही निशाना साध रही है।
वहीं आम आदमी पार्टी से जुड़े करीबी सूत्रों की मानें तो पार्टी ने अब सिर्फ मोदी को निशाना बनाने की रणनीति पर ही आगे बढ़ने का मन बनाया है। इसके बावजूद अगर विश्वास या किसी और नेता के मन में आरएसएस या फिर बीजेपी के लिए कोई 'सॉफ्ट कॉर्नर ' है तो उस पर शक होना लाजिमी है।
आगे की स्लाइड्स में देखिए कि आखिर क्यों पार्टी का भरोसा कुमार विश्वास से उठता जा रहा है या फिर आगे आने वाले दिनों में पूरी तरह से खत्म हो सकता है।

भाजपा पर बड़े हमलों से बचते विश्वास
सिर्फ एक या दो मौके ही ऐसे आए हैं जब विश्वास ने भाजपा पर कोई बड़ा हमला किया हो। वह कैंपेनिंग और जनसभा के दौरान अक्सर पार्टी पर हमलों से बचते आए हैं लेकिन कांग्रेस पर खुलकर हमले करते हैं। यह बात भी कहीं न कहीं पार्टी को खटक रही है।

एक इंटरव्यू में विश्वास ने कही बात
कुछ दिनों पहले एक न्यूज चैनल पर एक इंटरव्यू के दौरान जब कुमार विश्वास से पूछा गया कि अगर उन्हें कांग्रेस या भाजपा में से एक को चुनना हो, तो वह किसे चुनना पसंद करेंगे। इस पर कुमार विश्वास ने बेबाकी से जवाब दिया कि वह भाजपा को चुनना पसंद करेंगे।

अनुशासन के कायल विश्वास
कुमार विश्वास ने इसी टीवी इंटरव्यू में कहा था कि जिस तरह का अनुशासन राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ यानी आरएसएस में है, वह उसके कायल हैं। लोगों को आरएसएस से यह सीखना चाहिए। जब इस बात पर विवाद बढ़ा तो विश्वास ने बड़ी साफगोई से जवाब दिया कि आरएसएस का अनुशासन आतंकी संगठन लश्कर के जैसा ही है। दोनों ही संगठनों में लोग अपनी जान देने को तैयार रहते हैं।

आप पार्टी का सबसे बड़ा डर
कुमार विश्वास के मुताबिक उन्होंने वर्ष 2009 में बीजेपी को वोट डाला था और विश्वास की यही बात पार्टी के मन में डर पैदा कर रही है। पार्टी के मन में विश्वास को लेकर कई तरह की आशंकाएं भी अब जन्म लेने लगी हैं।
अपनी ट्वीट में किया वाजपेई का बखान
कुछ दिनों पहले कुमार विश्वास ने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा था कि भारत माता 100 साल तक तपस्या करती है तक जाकर कहीं अटल बिहारी वाजपेई जैसा पुत्र प्राप्त होता है। इतना ही नहीं कुमार ने यहां तक लिखा कि अटल बिहारी वाजपेई को अकेले देखकर उनकी आंखें भर आईं।

मोदी के सामने मोदी की तारीफ
जनवरी 2014 में एक न्यूज चैनल में एक वीडियो फ्लैश किया गया था। इस वीडिया में कुमार विश्वास स्टेज से नरेंद्र मोदी की तारीफ कर रहे हैं। विश्वास ने मोदी के लिए कहा कि उन्हें देवी सरस्वती का आर्शीवाद मिला हुआ है।
मार्च में ट्वीट से फैला हडकंप
मार्च के माह में अरविंद केजरीवाल की ओर से एक ट्वीट किया गया जिसमें उन्होंने लिखा कि जब से मैंने मोदी पर हमले शुरू किए हैं तब से कुछ रिश्ते बदलते नजर आ रहे हैं। लेकिन मुझे यकीन है कि सच ही जीतेगा। इा ट्वीट के बाद ऐसी खबरें आईं कि विश्वास पर से अब केजरीवाल का भरोसा टूटता जा रहा है।












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