‘आत्महत्या की धमकी दे रही’,कुलदीप सेंगर की बेटी ने अमित शाह को क्यों लिखी चिट्ठी, किसके लिए मांगी सिक्योरिटी?
kuldeep Singh Sengar Aishwarya Sengar Daughter: उन्नाव गैंगरेप केस एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कुछ अलग है। उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक भावुक और चिंताजनक पत्र लिखा है।
इस चिट्ठी में ऐश्वर्या ने रेप पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा की मांग की है। सवाल यह है कि दोषी करार दिए जा चुके नेता की बेटी आखिर पीड़िता के लिए सुरक्षा क्यों मांग रही हैं और इसके पीछे उनकी दलील क्या है।

अमित शाह को दो पन्नों की चिट्ठी, सोशल मीडिया पर भी साझा
ऐश्वर्या सेंगर ने यह पत्र अपने एक्स हैंडल पर सार्वजनिक करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस को भी टैग किया है। दो पन्नों की इस चिट्ठी में उन्होंने आशंका जताई है कि यदि पीड़िता के साथ कोई अनहोनी होती है या वह आत्महत्या जैसा कदम उठाती है, तो इसका सारा ठीकरा एक बार फिर उनके पिता कुलदीप सेंगर पर ही फोड़ा जाएगा।
'जमानत मिली तो आत्महत्या कर लूंगी'
पत्र में ऐश्वर्या ने लिखा है कि पीड़िता लगातार मीडिया और सोशल मीडिया पर बयान दे रही है कि यदि कुलदीप सेंगर को जमानत या रिहाई मिलती है तो वह आत्महत्या कर लेगी। ऐश्वर्या का कहना है कि ऐसे सार्वजनिक बयान न केवल दबाव बनाते हैं, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पहले से तय नैरेटिव तैयार कर देते हैं।
पुराने घटनाक्रमों का जिक्र
ऐश्वर्या ने अपने पत्र में 2018 और 2019 की घटनाओं का भी विस्तार से उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा कि 2018 में पीड़िता द्वारा मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किए जाने के बाद उनके पिता को गिरफ्तार किया गया। इसी तरह 2019 में हुए सड़क हादसे का भी जिक्र किया गया, जिसमें पीड़िता के परिजनों की मौत हुई थी।
ऐश्वर्या के मुताबिक इस दुर्घटना की जांच सीबीआई, आईआईटी दिल्ली, सीएफएसएल और सीआरआरआई जैसी संस्थाओं ने की थी और सभी ने इसे दुर्घटना ही माना। दिल्ली की अदालत ने इस मामले में कुलदीप सेंगर को दोषमुक्त भी किया था और उस फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं हुई।
मीडिया नैरेटिव पर सवाल
चिट्ठी में मीडिया कवरेज को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ऐश्वर्या का कहना है कि हर बार जब कोई फैसला उनके परिवार के पक्ष में आता है, तो विरोध प्रदर्शन और आंदोलन शुरू हो जाते हैं। इससे न केवल न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि उनके परिवार का मानसिक उत्पीड़न भी होता है।
'निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार छीना गया'
ऐश्वर्या ने लिखा कि इस केस के इर्द-गिर्द बने प्रभावशाली मीडिया नैरेटिव ने उनके परिवार से निष्पक्ष सुनवाई का मौलिक अधिकार तक छीन लिया है। उनके अनुसार, अब हालात ऐसे हो गए हैं कि भौतिक साक्ष्यों पर भी गंभीरता से विचार नहीं किया जाता।
किसके लिए मांगी गई सुरक्षा?
सबसे अहम बात यह है कि ऐश्वर्या ने अपने पिता या परिवार के लिए नहीं, बल्कि रेप पीड़िता और उसके परिवार के लिए निरंतर और प्रभावी सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पीड़िता सुरक्षित रहेगी, तो किसी भी संभावित घटना का राजनीतिक या मीडिया स्तर पर दुरुपयोग नहीं हो पाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर लगाई रोक
गौरतलब है कि 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर की सजा निलंबित कर उन्हें जमानत दी थी, लेकिन 29 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले को रद्द कर दिया। इसके बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया।
2017 में उन्नाव की पीड़िता के साथ रेप हुआ। न्याय के लिए भटकती पीड़िता के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत, सड़क हादसा, सीबीआई जांच और अंततः 2019 में दिल्ली की अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा, इस केस को देश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल कर चुका है।












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