भारत ही नहीं दुनिया जुड़ेगी योग से, 47 इस्लामिक देशों ने किया समर्थन

नई दिल्ली। 21 जून यानि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी पूरे भारत ही नहीं दुनिया में भी जोरोशोरो से चल रही है। वहीं सूर्य नमस्कार सहित कुछ आसनों पर लेकर इसे धर्म से जोड़ने का नया विवाद शुरु हो गया है। लेकिन इन सब के बीच चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इसे 47 देशों ने अपनी स्वीकृति दी है।

177 देशों ने दिया अपना समर्थन

युनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली के कुल 177 सदस्यों जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को स्वीकार किया है उसमें 47 इस्लामिक देश भी शामिल हैं। इन सभी देशों ने आधिकारिक रूप से भारत के इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दी कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर मनाया जाए।

योग तकरीबन 5000 साल पुरानी विधा है जो मनुष्य के मस्तिस्क और स्वास्थ्य का खयाल रखती आ रही है। लेकिन कुछ भारतीय मुस्लिम धर्मगुरुओं का मानना है कि योग एख हिंदू धार्मिक परंपरा है।

पहली बार किसी प्रस्ताव को इतना बड़ा समर्थन मिला

आपको यह जानकर भी आश्चर्य होगा की यूएनजीए में पहली बार किसी प्रस्ताव को इतने अधिक देशों का समर्थन मिला है। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार इस प्रस्ताव को बिना किसी विरोध के एक मत से स्वीकार किया गया।

भारत के इस प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, टर्की, इरान, इंडोनेशिया, यूएई, कतर, ओमान जैसे इस्लामिक देश हैं।

इन देशों ने नहीं किया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रस्ताव का समर्थन

वहीं पाकिस्तान, सउदी अरब, मलेशिया, ब्रुनेई, मॉर्शियाना, कैमरून, लिबिया और बुर्कीना फासो वो 8 ऐसे देश हैं जो कि ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन का हिस्सा हैं ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को अपनी सहमति नहीं दी।

लेकिन जो इस्लामिक को-ऑपरेशन का हिस्सा नहीं थे उनमें नॉर्थ कोरिया, नामीबिया, स्वेजलैंड, स्विट्जरलैंड, मोनाको, जांबिया, सोलोमन आईजलैंड और इस्टोनिया हैं जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को अपना समर्थन देने से इनकार कर दिया है।

35000 लोग राजपथ पर करेंगे योग

आपको बता दें कि 35000 से अधिक लोग कल राजपथ पर योग करेंगे। इन लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई कैबिनेट मंत्री और राजदूत भी इसमें शामिल होंगे। साथ हीं 11 लाख एनसीसीस के कैडेट, 9 लाख महिला और पुरुष पुलिसकर्मी भी देशभर में योग करेंगे।

संस्कृत से उत्पत्ति हुई है योग की

योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के युज शब्द से हुई है, जिसका अर्थ होता है जोड़ना। सरकारी दस्तावेजों की मानें तो इसकी शुरुआत 2700 ईसा पूर्व हुई थी। भारत में आयुष मंत्रालय योग और आयुर्वेद को एक साथ कई सालों से बढ़ावा देता आ रहा है।

भारत सरकार में स्थापित होगा राष्ट्रीय योग संस्थान

भारत में दो राष्ट्रीय स्तर के योग और आयुर्वेद के संस्थान है एक तो मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर योगा जोकि नई दिल्ली में स्थित है। जबकि दूसरा नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर नेचुरोपैथी है जो पुणे में स्थित है। इसके साथ ही अनुसंधान के लिए भी सेंटर काउंसिल फॉर रिसर्च इन योगान एंड नैचुरोपैथी नाम का संस्थान भी नई दिल्ली में स्थित है।

भारत सरकार ने पिछले चार सालों में इस क्षेत्र में 101.5 करोड़ रुपए खर्च किये है जिसका प्रयोग प्रदर्शनी, सेमिनार और कांफ्रेंस के जरिए लोगों में इसके प्रति जानकारी फैलाने का काम किया गया है। भारत में हाल ही में राष्ट्रीय स्तर का योग संस्थान खोलने की भी घोषणा की है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+