Labour Day पर Noida में हाई अलर्ट! 8 मई तक धारा 163 लागू, ड्रोन से होगी निगरानी
Noida Police Security Labour Day: अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (International Labour Day) के अवसर पर नोएडा प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। हाल ही में फैक्ट्री मजदूरों द्वारा किए गए हिंसक विरोध प्रदर्शनों और उसकी संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे जिले को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) को पूरे जिले में 8 मई 2026 तक लागू कर दिया है।

आसमान से ड्रोन और जमीन पर 1600 से अधिक जवान
मजदूर दिवस पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए नोएडा पुलिस ने तकनीकी और शारीरिक सुरक्षा का अनूठा तालमेल बिठाया है:
ड्रोन निगरानी: जिले के 50 से अधिक संवेदनशील स्थानों और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों पर ड्रोन के जरिए आसमान से नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से फेज-2, सेक्टर-59 और सेक्टर-60 जैसे औद्योगिक इलाकों में सघन निगरानी जारी है।
#WATCH | Uttar Pradesh | Security forces have been deployed in Noida to ensure a law and order situation on the occasion of International Labour Day
— ANI (@ANI) May 1, 2026
According to the police, Section 163 BNS (gives power to magistrates to issue urgent orders to prevent danger or public disorder)… https://t.co/yJqkUl2id8 pic.twitter.com/zpHb7lCFO8
भारी पुलिस बल की तैनाती: सुरक्षा के लिए 1,600 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसमें 6 एसपी रैंक के अधिकारी, 14 अतिरिक्त एसपी, 30 एसीपी, और 1100 से अधिक कांस्टेबल शामिल हैं। इसके अलावा PAC की 10 कंपनियां भी संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही हैं।
जोन और सेक्टर स्कीम: पूरे जिले को 11 जोन और 49 सेक्टरों में बांटा गया है। नोएडा जोन में 4 जोन और 16 सेक्टर, जबकि सेंट्रल नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी इसी तरह का सुरक्षा ढांचा तैयार किया गया है।
Section 163 BNSS लागू: इन बातों का रखना होगा ध्यान
पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक, 8 मई तक कुछ प्रतिबंध कड़ाई से लागू रहेंगे:
- सार्वजनिक स्थानों पर 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध है।
- बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार का जुलूस या विरोध प्रदर्शन नहीं निकाला जा सकेगा।
- सरकारी कार्यालयों के एक किलोमीटर के दायरे में 'नो-फ्लाई ज़ोन' घोषित किया गया है, यानी यहाँ निजी ड्रोन नहीं उड़ाए जा सकेंगे।
- सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर साइबर सेल की पैनी नजर है।
पुलिस कमिश्नर की खास अपील: 'शांति और व्यवस्था कायम'
गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने स्थिति का जायजा लेते हुए कहा, "विभिन्न श्रमिक संगठनों द्वारा पारंपरिक रूप से आयोजित कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए हैं। वर्तमान में हर जगह शांति है और सभी औद्योगिक इकाइयों में काम सुचारू रूप से चल रहा है। हमारी टीमें जमीन पर सक्रिय हैं और हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।"
पिछली हिंसा से लिया सबक
गौरतलब है कि 13 अप्रैल को न्यूनतम मजदूरी को लेकर हुए श्रमिकों के प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था, जिसमें आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें आई थीं। उस घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इस बार पुलिस ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। कंट्रोल रूम में तैनात राजपत्रित अधिकारी सीसीटीवी फीड के जरिए पल-पल की निगरानी कर रहे हैं।












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