Bargi Dam Cruise Accident: लापरवाही के बोझ से डूबा क्रूज? FREE टिकट ने उलझाया आंकड़ों का गणित, 9 शव बरामद
Bargi Dam Cruise Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम के बैक वॉटर में गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा अब एक बड़ी मानवीय त्रासदी बन चुका है। 'नर्मदा क्वीन' नामक क्रूज तूफानी हवाओं और लहरों के बीच अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे ने जहां कई परिवारों को उम्र भर का गम दिया है, वहीं प्रशासन और पर्यटन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे का शिकार हुई दिल्ली की संगीता कोरी ने मीडिया से बातचीत में जो बताया, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। उनके मुताबिक, शाम करीब 9 बजे जब क्रूज वापस लौट रहा था, तभी अचानक मौसम बिगड़ा। तूफानी हवाओं के साथ पानी क्रूज के अंदर भरने लगा।

लाइफ जैकेट के लिए छीना-झपटी
संगीता का आरोप है कि किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं पहनाई गई थी। जब क्रूज डूबने लगा, तब क्रूज स्टाफ ने स्टोर रूम से जैकेट निकालने की कोशिश की, जिससे यात्रियों के बीच जान बचाने के लिए छीना-झपटी मच गई।
लापरवाही और रेस्क्यू ऑपरेशन
शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद क्रूज का संचालन किया गया। स्थानीय लोगों ने चालक को रुकने का इशारा किया था, लेकिन अनुभवहीनता और लापरवाही के चलते उसने क्रूज नहीं रोका। फिलहाल, आगरा से आई सेना की टीम और NDRF हाइड्रोलिक मशीनों और गैस कटर से क्रूज को काटकर शवों की तलाश कर रही है।
टिकट और यात्रियों की संख्या का 'सस्पेंस'
हादसे के वक्त क्रूज पर सवार यात्रियों की सही संख्या को लेकर अब भी गहरा सस्पेंस बना हुआ है। आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, क्रूज पर 29 पर्यटक और 2 क्रू मेंबर्स के होने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही इशारा कर रही है।
चश्मदीदों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्रूज पर सवार लोगों की संख्या 40 के पार हो सकती है। इस अंतर की बड़ी वजह यह है कि क्रूज पर 10 से 12 छोटे बच्चे भी मौजूद थे, जिनका 5 साल से कम उम्र होने के कारण टिकट नहीं लगा था और उनका कोई हेड-काउंट (गिनती) नहीं किया गया। इसके अलावा, कुछ लोगों को बिना टिकट या 'फ्री' में बैठाए जाने की आशंका ने भी प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
पर्यटन विभाग के रिसॉर्ट से महज 100 मीटर की दूरी पर हुए इस हादसे के बाद अब पूरे संचालन तंत्र पर सवाल उठ रहे हैं। मौके पर मौजूद मंत्रियों ने स्पष्ट किया है कि क्षमता से अधिक भार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गंभीरता से जांच की जाएगी।
कितनी होती है एक क्रूज की क्षमता?
बरगी बांध में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साल 2006 से क्रूज का संचालन किया जा रहा है। यहां 'नर्मदा क्वीन' जैसे दो प्रमुख क्रूज संचालित होते हैं, जिनमें एक हाउस बोट और एक मिनी क्रूज शामिल है। आमतौर पर एक क्रूज की क्षमता लगभग 60 से 90 पर्यटकों की बताई जाती है। यहां एक व्यक्ति के टिकट की कीमत करीब 200 से 220 रुपये है। हालांकि, हादसे का शिकार हुए क्रूज में क्षमता से अधिक या बिना रिकॉर्ड के लोगों का सवार होना एक बड़ी लापरवाही के रूप में सामने आ रहा है, जिसकी वजह से बचाव दल को अभी भी यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में कितने लोग लापता हैं।
मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। घटनास्थल पर मौजूद पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) की ओर से, जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
आधिकारिक आंकड़े: मृतक, लापता और जीवित बचे लोगों की लिस्ट
1. मृतकों की लिस्ट (पुष्टि: 06)
- नीतू सोनी (उम्र 43), निवासी: जबलपुर
- सोभाग्यम अलागन (उम्र 42), निवासी: तमिलनाडु
- मधुर मैसी (उम्र 62), निवासी: दिल्ली
- काकुलाझी (उम्र 38), निवासी: खमरिया
- रेशमा सैय्यद (उम्र 66)
- शमीम नकवी (उम्र 66)
2. लापता व्यक्तियों की लिस्ट (संख्या: 09)
- तमिल (उम्र 5), पिता: कामराज
- विराज सोनी (उम्र 6)
- मयूरम (उम्र 9)
- पूनम थापा (उम्र 7)
- ज्योति श्रीवास (उम्र 34), पति: मनोज श्रीवास
- त्रिशान/जहान (उम्र 4), पिता: प्रदीप मैसी
- प्रदीप मैसी
- मरिना मैसी, पति: प्रदीप मैसी
- कामराज (उम्र 39)
3. सकुशल बचे जीवित व्यक्तियों की सूची (कुल: 24)
- राखी सोनी (35 वर्ष)
- विक्की सोनी (विकास सोनी) (45 वर्ष)
- समृद्धि सोनी (18 वर्ष)
- इनिया (Iniya) (12 वर्ष)
- आराध्या सोनी (12 वर्ष)
- मोहित नामदेव (23 वर्ष)
- महेश पटेल, छोटे लाल गौड़ (38 वर्ष)
- अनामिका सोनी (47 वर्ष), रियाज हुसैन (72 वर्ष)
- के. पवीथारन (10 वर्ष), मनोज श्रीवास (40 वर्ष)
- अंशिका, तनिष्क (11 वर्ष), तनिष्का (10 वर्ष) श्रीवास
- कियान, सरिता, वृन्दा, रोशन आनंद (वर्मा परिवार)
- मंजू खड़गा, जफर, जुलियस मैसी, सिया मैसी, करन वर्मा













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