जानिए इनकम टैक्स की रेड और सर्वे के बीच क्या है अंतर? सोनू सूद के मामले में न हों कंफ्यूज
मुंबई, 16 सितंबर। कोरोना वायरस संकट में गरीब, जरूरतमंद लोगों की मदद कर उनके मसीहा बनने वाले बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद को फिलहाल आयरकर विभाग के सवालों का जवाब देना पड़ रहा है। दरअसल, बुधवार को सोनू सूद के मुंबई स्थित 6 ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमों ने सर्वे किया। हालांकि कई लोगों ने इनकम टैक्स की इस कार्रवाई को सोनू सूद रेड (छापा) समझा जो की गलत है। आयकर विभाग के छापे और सर्वे में काफी अंतर होता है, जिसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं।
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सोनू सूद पर आईटी के सर्वे पर लोगों का रिएक्शन
सबसे पहले ये जान लेते हैं कि गरीबों के मददगार एक्टर सोनू सूद पर इनकम टैक्स के सर्वे पर लोगों की क्या राय है। दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने इसे राजनीतिक एक्शन का रिएक्शन बताया है। पार्टी का कहना है कि सोनू सूद पर ये एक्शन 'आप' का मेंटर बनने की वजह से की गई है। वहीं, कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि किसी भी पॉलिटिकल पार्टी से ना जुड़ने की वजह से एक्टर को ये दिन देखना पड़ रहा है। कईयों ने तो सीधा बीजेपी पर ही आरोप लगाए हैं।

रेड से किस तरह अलग है सर्वे
तो, अब जानते हैं आयकर विभाग की रेड और सर्वे के बीच क्या फर्क होता है। इस तरह से सोनू सूद पर की गई सर्वे, इनकम टैक्स की रेड से अलग है? आम तौर पर लोगों को इनकम संबंधि छापे को लेकर ज्यादा डर लगा रहता है, हालांकि टेंशन की बात सिर्फ रेड ही नहीं बल्कि सर्वे भी होता है। आयकर विभाग द्वारा किया जाने वाला सर्वे 133ए आई.टी. एक्ट के अंतर्गत आता है। आईटी सर्वे सिर्फ व्यवसाय और पेशे के स्थान पर किया जाता है।

क्या होता है आयकर विभाग का सर्वे?
सर्वे और रेड में सबसे बड़ा अंतर यही होता है कि सर्वेक्षण किसी के भी निवास स्थान (घर) पर नहीं किया जाता, जबकि छापा हर जगह मारा जा सकता है। आईटी सर्वे सिर्फ वर्किंग डे और कार्य घंटों के दौरान ही हो सकता है, लेकिन यह वर्किंग टाइम के बाद भी जारी रह सकता है। इस कार्रवाई में आयकर विभाग के अधिकारियों के पास सामान जब्त करने की शक्ति नहीं होती। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति के निजी डाटा की खोज नहीं की जा सकती। वहीं, सर्वे के दौरान स्थानीय पुलिस अधिकारियों की मदद भी नहीं ली जा सकती। सर्वे में व्यक्ति के इनकम सोर्स, खर्च और नकदी, दस्तावेजों का निरीक्षण और सूची का सत्यापन किया जाता है।

क्या है इनकम टैक्स रेड ?
आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा की जाने वाली रेड (छापा) व्यक्ति के निजी आवास, कार्यालय व अन्य स्थानों पर किया जा सकता है। दिन निकलने के साथ कभी भी छापा मारा जा सकता है और यह प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रह सकता है। इस प्रक्रिया को I.T की धारा के तहत परिभाषित किया गया है। आईटी अधिकारियों के बात सामान जब्त करने की शक्ति होती है, यहां तक कि परिसर के प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत रूप से तलाशी ली जा सकती है। कार्रवाई के दौरान पुलिस की मदद भी ली जा सकती है।
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