Manik Saha: ऐसे ही भाजपा ने नहीं बना दिया मुख्यमंत्री, जानिए माणिक साहा के डॉक्टर से सीएम बनने तक का सफर
Manik Saha Journey: त्रिपुरा में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 60 सदस्यीय सदन में 32 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी आईपीएफटी एक सीट हासिल करने में सफल रही। मानिक साहा दोबारा मुख्यमंत्री बनाए गए हैं।

माणिक साहा का शुरुआती सफर
माणिक साहा(Manik Saha) का जन्म 8 जनवरी 1953 को त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में माखन लाल साहा और प्रिया बाला साहा के घर हुआ था। साहा ने बिहार की राजधानी पटना के गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज से डेंटल सर्जरी में ग्रेजुएशन किया और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्जेस मेडिकल कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। माणिक साहा जाने-माने डॉक्टर होने के साथ-साथ पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी के रूप में भी जाने जाते हैं।
माणिक साहा का राजनीतिक सफर
70 वर्षीय डॉक्टर माणिक साहा(Manik Saha) डेंटिस्ट से राजनेता बने हैं। साल 2016 में वह भाजपा में शामिल हुए थे। माणिक साहा को पिछले साल ही भाजपा ने त्रिपुरा का मुख्यमंत्री बनाया था। उन्हें बिप्लब देब की जगह दी गई थी। साहा एक बैडमिंटन खिलाड़ी भी थे और त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख रहे हैं। साहा 2020 से 2022 के बीच त्रिपुरा में भाजपा के प्रमुख भी रह चुके हैं। मुख्यमंत्री बनने से पहले वे राज्यसभा के सांसद भी बनाए गए थे।
इन खूबियों की वजह से बनाए गए दूसरी बार मुख्यमंत्री
भाजपा से जुड़ने के बाद उन्हें बूथ प्रबंधन समिति और राज्य स्तरीय स्दस्यता अभियान के प्रभारी का जिम्मा सौंपा गया था। जहां उन्होंने सदस्यता अभियान चलाकर हजारों लोगों को भाजपा से जोड़ा। उन्होंने जमीनी स्तर पर लोगों की मांगों को समझा जिससे उनकी पैठ त्रिपुरा के नागरिकों के बीच अच्छी बन गई। माणिक साहा के काम से खुश होकर भाजपा ने उन्हें सीएम बनने से एक महीने पहले ही राज्यसभा सांसद बना दिया।
त्रिपुरा के सबसे धनी विधायक हैं माणिक साहा
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा(Manik Saha) राज्य के सबसे अमीर विधायक हैं। साहा की संपत्ति की बात करें तो उनके पास कुल 13.90 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इनमें 1.10 करोड़ रुपये की चल और 12.80 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। मुख्यमंत्री साहा ने त्रिपुरा के टाउन बारदोवाली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। मुख्यमंत्री साहा 1257 वोटों से इस बार चुनाव में विजयी हुए। उन्हें 19586 वोट मिले जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के आशीष कुमार साहा को 18329 वोट प्राप्त हुए।
भाजपा से पहले कांग्रेस में थे माणिक साहा
भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पहले माणिक साहा कांग्रेस पार्टी में अहम भूमिका निभा रहे थे। वह 2016 में भाजपा में शामिल हुए जहां से उन्होंने अपने सियासी सफर को मजबूती देनी शुरू कर दी।












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