Air Strike: जानिए, पाकिस्तान में छिपे बैठे आतंक के वो 5 बड़े नाम, जिनके खात्मे तक चैन से नहीं बैठ सकता भारत

दिल्ली- भारत में प्रतिबंधित लगभग 40 आतंकी संगठनों में से आधे से अधिक के तार सीधे तौर पर पाकिस्तान से जुड़े हैं। वे या तो पाकिस्तान की जमीन से भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं या फिर किसी दूसरी जगह से उसकी ओर से प्रायोजित हो रहे हैं। जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा या हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठन हैं, तो काफी कुख्यात हैं। अमेरिका ने 9/11 के लिए जिम्मेदार अल-कायदा की जड़ों को न सिर्फ अमेरिका से उखाड़ फेंका था, बल्कि उसके सरगना ओसामा बिन लादेन को जब तक पाकिस्तान में घुसकर खत्म नहीं कर दिया,चैन से नहीं बैठा। अब समय आ गया है कि भारत को भी उसी अंदाज में पाकिस्तान में मौजूद आतंक के आकाओं का खात्मा करना होगा। क्योंकि, जब तक वे वहां सुरक्षित रहेंगे, भारत एक तो क्या कितने ही बालाकोट, क्यों न कर ले चैन से नहीं बैठ सकता।

मौलाना मसूद अजहर

मौलाना मसूद अजहर

पाकिस्तान के बालाकोट में हुई भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के कई रिश्तेदारों के मारे जाने की खबर है। लेकिन, सबसे बड़ी बात ये है कि खुद अजहर अभी भी पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के संरक्षण में सुरक्षित है। गौरतलब है कि जैश-ए-मोहम्मद ने ही पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। आज भारत के पास दो ही विकल्प हैं। वो या तो पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाकर अजहर को अपने कब्जे में ले या फिर अमेरिका जैसा ही कोई ऑपरेशन चलाकर उसको भी उसके रिश्तेदारों के पास पहुंचाए। क्योंकि, बालाकोट जैसे जैश के कुछ ट्रेनिंग कैंप ध्वस्त करने भर से भारत हाथ पर हाथ धर कर नहीं बैठ सकता। ये फिर से खड़े होंगे। फिर से भारत विरोधी गतिविधियों में जुट जाएंगे।

हाफिज सईद

हाफिज सईद

लश्कर-ए-तैयबा का सरगना हाफिज सईद तो पाकिस्तान में खुलेआम रैलियां करता है। जबकि, जून 2014 में अमेरिका भी उसके संगठन को विदेशी आतंकवादी संगठन मानकर पाबंदी लगा चुका है। वह 26 नवंबर, 2008 के मुंबई हमलों का गुनहगार है, जिसमें 166 लोग मारे गए थे। जब पाकिस्तान ने दिखावे के लिए उसके संगठन पर कार्रवाई शुरू की तो उसने जमात-उद-दावा नाम का नया संगठन खड़ा कर लिया। वो खुलेआम रैलियों में भारत को चुनौती देता है। दबाव बढ़ने पर पाकिस्तान सरकार उसे नजरबंद करने का नाटक करती है, लेकिन कानूनी तौर पर सजा दिलाने के लिए भारत को सौंपने के लिए तैयार नहीं है। क्या भारत अनंत काल तक इसी इंतजार में बैठा रहेगा कि पाकिस्तान उसे कानूनी तौर पर सौंपे और फिर उसपर कार्रवाई हो? या उसे कोई अगला हमला करने से पहले उसके सही जगह तक पहुंचाया जाना जरूरी है।

जकी-उर-रहमान लखवी

जकी-उर-रहमान लखवी

जकी-उर-रहमान लखवी, हाफिज का ही एक लेफ्टिनेंट है। वह मुंबई हमले का चीफ प्लानर था। हाफिज सईद की तरह भारत ने लखवी के खिलाफ भी पाकिस्तान को सारे सबूत सौंपे थे। लेकिन, पाकिस्तान ने कभी चाहा ही नहीं कि भारत के इन दुश्मनों को कानून के मुताबिक सजा मिले। इसलिए सुनवाई की खानापूर्ति के बाद लाहौर हाई कोर्ट ने 2015 में उसे सबूतों के अभाव में खुला छोड़ दिया है। जब तक ऐसे आतंकवादी सरगना आजाद हैं, क्या भारत या भारत की जनता निश्चिंत होकर बैठ सकती है? अगर भारतीय सेना ने दुश्मन के ठिकाने में घुसकर टेरर कैंप खत्म करने का शौर्य दिखाया है, तो इजाजत मिलने पर वो इन दहशतगर्दों को भी उठाकर भारत ला सकती है या वहीं उनका काम भी तमाम कर सकती है। अगर भारत को आतंकवाद से पूरी तरह मुक्ति पानी है, तो आज न कल इस विकल्प को चुनना ही पड़ेगा।

सैयद सलाउद्दीन

सैयद सलाउद्दीन

कुछ वक्त के लिए शांत रहने के बाद हिजबुल मुजाहिदीन का सरगना एकबार फिर से भारत विरोधी गतिविधियों के लिए सक्रिय हो चुका है। खबरों के मुताबिक पिछले महीनों से वह बहुत ही आक्रामक गतिविधियों में जुटा हुआ है। जानकारियां हैं कि वह जम्मू-कश्मीर के माछिल और गुरेज सेक्टर के पार एलओसी (Loc) के पास मौजूद आतंकी लॉन्च पैड्स पर आकर आतंकियों
का उत्साह बढ़ा चुका है। खबरें यहां तक है कि जनवरी में उसने सोनार इलाके में आकर एलओसी के पार भारतीय जवानों का भारी से भारी नुकसान पहुंचाने का संदेश भी दे चुका है। उसने अपने संगठन में भी बदलाव किया है और शायद फिर से कोई बड़ी वारदात को अंजाम देने की ताक में है। गौरतलब है कि 26 जून, 2018 को अमेरिका ने भी सैयद सलाउद्दीन को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था। इसका जम्मू-कश्मीर की कई आतंकी वारदातों में हाथ रहा है।

दाऊद इब्राहिम

दाऊद इब्राहिम

दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई के सीरियल बम धमाकों का आरोपी है। माना जा रहा है कि वो अभी भी कराची में रहकर भारत में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। पहले कहा जा रहा था कि वह दुबई भाग चुका है। लेकिन, उसके एक रिश्तेदार ने हाल ही में मुंबई के एक विशेष मकोका (MCOCA) कोर्ट में इसका खुलासा किया है, कि वो पाकिस्तान में ही मौजूद है। लेकिन, पाकिस्तान कभी यह मानने के लिए तैयार नहीं होता कि दाऊद वहां की सरकार के संरक्षण में है।

इन कुछ बड़े आतंकी सरगनाओं के अलावा कई और संगठन हैं, जो पाकिस्तान से भारत के खिलाफ साजिशें रचते हैं। हरकत-उल-मुजाहिदीन, हरकत-उल-अंसार, हरकत उल जिहाद ए इस्लामी, जम्मू कश्मीर इस्लामिक फ्रंट,दुख्तरान-ए-मिल्लत और लश्कर-ए-झांगवी ऐसे ही संगठन हैं, जिनके सरगनाओं को किसी न किसी रूप में पाकिस्तान में पनाह मिला हुआ है। इसलिए अब भारत को आतंकी कैंपों पर सर्जिकल स्ट्राइक या एयर स्ट्राइक के अलावा ओसामा बिन लादेन को मिटाने जैसा ऑपरेशन भी चलाना होगा, तभी भारत आतंकवाद से मुक्ति पा सकता है।

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