जानिए, फांसी की सजा के बाद तिहाड़ जेल में कैसे कट रही हैं निर्भया के दोषियों की रातें

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा था। इसके बाद से तिहाड़ में उन पर हर रात भारी पड़ रही है। जानिए कैसे कट रही हैं उनकी रातें।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा है जब से ये खबर तिहाड़ जेल में बंद चारों दोषियों को मिली है तभी से वो सदमे में हैं। किसी ने काम करना बंद कर दिया है तो किसी ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चारों दोषियों ने काम करना छोड़ दिया है।

निर्भया के दोषियों ने काम करना बंद कर दिया है

निर्भया के दोषियों ने काम करना बंद कर दिया है

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जब टीवी पर चारों दोषियों ने फांसी की सजा बरकरार रखे जाने की खबर देखी तभी से वो डिप्रेशन में हैं। चारों का अब काम में मन नहीं लगता है। दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद निर्भया के दोषियों ने काम करना बंद कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक अक्षय ठाकुर, पवन कुमार और मुकेश कुमार को जेल नंबर 2 में रखा गया है जबकि विनय शर्मा जेल नंबर 7 में है।

विनय ने छोड़ी ग्रैजुएशन की पढ़ाई

विनय ने छोड़ी ग्रैजुएशन की पढ़ाई

निर्भया के चारों दोषियों में से एक विनय शर्मा गैजुएशन कर रहा है लेकिन फांसी की सजा बरकरार रखे जाने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी है। वही अक्षय ठाकुर नाम के दोषी ने भी आटा- चक्की मिल में काम करना बंद कर दिया है। पवन ने कैंटीन स्टोर काम करना बंद कर रखा है जबकि मुकेश हाउसकिपर का काम नहीं कर रहा है। पहले चारों आरोपी जेल स्टाफ से बात करते थे अब उन्होंने बात करना भी बंद कर दिया है।

जूवेनाइल दोषी के बारे में नहीं करते बात

जूवेनाइल दोषी के बारे में नहीं करते बात

तिहाड़ में बंद निर्भया के दोषी अपने जूवेनाइल साथी के बारे में बात नहीं करते हैं। ये लोग उस जूवेनाइल दोषी को भूल चुके है। मीडिया में खबरें आई थी की वो जूवेनाइल दोषी कूक बन गया है और साउथ इंडिया के किसी बड़े रेस्टोरेंट में काम कर रहा है।

राष्ट्रपति के पास दया की गुहार लगाएंगे

राष्ट्रपति के पास दया की गुहार लगाएंगे

इन चारों दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा है कि वो जल्दी ही राष्ट्रपति के पास दया की गुहार लगाएंगे। ऐसा वो तभी कर सकते है जब सुप्रीम कोर्ट से रिव्यू पिटिशन रिजेक्ट हो जाए। एपी सिंह राष्ट्रपति के पास दया याचिका डालने की तैयारी में है।

क्या है पूरा मामला?

क्या है पूरा मामला?

16 दिसंबर 2012 की रात देश की राजधानी दिल्ली में 6 लोगों ने 23 साल की मेडिकल स्टूडेंट के साथ चलती बस में गैंगरेप किया। दोषियों में एक 17 साल का नाबालिग भी शामिल था। पीड़ित अपने दोस्त के साथ मूवी देखने के बाद घर वापस लौट रही थी। वे गंतव्य तक जाने के लिए बस में सवार हुए, जहां आरोपियों ने उसके दोस्त की पिटाई की और वहशियाना ढंग से पीड़ित के साथ गैंगरेप किया। 29 दिसंबर को पीड़ित की मौत हो गई। ट्रायल के दौरान एक आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगा ली थी जबकि छठा आरोपी नाबालिग था, जिसे 3 साल तक जूवेनाइल होम में रखने का आदेश दिया गया था।

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