Ram Mandir: जानें कहां तक पहुंचा राम मंदिर के निर्माण का काम? देखें अब तक की पूरी टाइमलाइन
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बन रहे राम मंदिर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की निर्माण समिति ने बताया कि, 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसके लिए पीएम मोदी को न्योता भेजा गया है।
नए बने भव्य श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 22 जनवरी को दोपहर साढ़े 12 बजे होगा। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में देश के 4000 संत महात्मा एवं समाज के 2500 प्रतिष्ठित महानुभाव शामिल किया जा रहा है।

मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरा कार्यक्रम सामने आया है। कार्यक्रम की शुरूआत 17 जनवरी से होगी। 17 जनवरी को जल यात्रा के साथ धार्मिक कर्मकांड की शुरू होगा। इसके बाद अनुष्ठान का शुभारम्भ गणेश पूजन किया जाएगा। फिर श्रीविग्रह का अलग-अलग अधिवास होगा। अंत में शैय्याधिवास के बाद रामलला गर्भगृह में महापीठ पर प्रतिष्ठित हो जाएंगे।
22 जनवरी को रामलला के श्रीविग्रह का अनावरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेत्रोन्मिलन से (नेत्र खोलकर) करेंगे। मृगशिरा नक्षत्र 22 जनवरी सोमवार को अपराह्न 3.52 बजे से 23 जनवरी मंगलवार को 4.58 बजे तक है। ये तो रहा अगले साल जनवरी में होने कार्यक्रम का पूरा ब्यौरा। अब हम आपको मंदिर निर्माण शुरू होने से लेकर अब तक की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।
राम मंदिर के लिए कब-कब क्या हुआ :
9 नवंबर 2019: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या की विवादित जमीन पर रामलला विराजमान का हक मानते हुए मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ट्रस्ट बनाने को कहा।
5 फरवरी 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में राम मंदिर के लिए ट्रस्ट के गठन का ऐलान किया। इस ट्रस्ट का नाम 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' रखा गया।
19 फरवरी 2020: राम मंदिर ट्रस्ट के लिए 15 पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई।
5 अगस्त 2020: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में शिलापूजन कर राम मंदिर की आधारशिला रखी। इसके बाद मंदिर बनने का काम शुरू हुआ।
20 जनवरी 2021: राम मंदिर के लिए नींव खुदाई का काम शुरू हुआ। 2.77 एकड़ क्षेत्र में 15 मीटर (40-45 फीट) गहरी खुदाई की गई।
मार्च 2021: नींव की खुदाई के बाद उसे भरने का काम शुरू हुआ।
अक्टूबर 2021: नींव के समतलीकरण और रॉफ्ट बिछाने का काम पूरा हुआ।
अप्रैल 2022: राम मंदिर की 45 फीट गहरी नींव के उपर करीब 20 फीट ऊंचे चबूतरे (प्लिंथ) का काम शुरू हुआ। इसे सात लेयर में बनाई गई हैं।
जुलाई 2023: भूतल की छत की शिला संयोजित होने के बाद से प्रथम तल के स्तंभों और दीवारों की शिलाएं संयोजित की जा रही हैं।
सिंतबर 2023: मंदिर के फर्श निर्माण-विद्युतीकरण आदि के साथ भूतल को अंतिम स्पर्श दिया जा रहा है। अगले वर्ष रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रथम तल का ढांचा निर्मित होने के बाद द्वितीय तल का कार्य भी आरंभ हो जाएगा।
26 अक्टूबर 2023: राम मंदिर से पहले भव्य परकोटे का निर्माण चल रहा है। लाइटिंग का काम भी तेज कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक मुख्य तल पर 4 लिफ्ट बनाई जा रही हैं।
राम मंदिर का पहला चरण 30 दिसंबर, 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। पहले चरण में भूतल पर 5 मंडप बनेंगे। इनमें सबसे प्रमुख गर्भगृह है जहां भगवान की मूर्ति स्थापित की जाएगी। पांच मंडपों के निर्माण में करीब 160 खंभे बनाए जा रहे हैं।
इसके बाद मंदिर के निचले हिस्से में भगवान राम के संक्षिप्त विवरण से जुड़ा शुरू होना है। साथ ही बिजली और दूसरी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। ये सभी काम 30 दिसंबर 2023 तक पूरे कर लिए जाएंगे।
मंदिर की पहली और दूसरी मंजिल का काम 30 दिसंबर, 2024 तक पूरा हो जाएगा। दिसंबर 2025 में मंदिर का परिसर बनकर तैयार हो जाएगा। पहला चरण दिसंबर 2023 तक, दूसरा फेज दिसंबर 2024 तक और तीसरा दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, 24-25 जनवरी से रामलला का दरबार सामान्य भक्तों के लिए खुल जाएगा।












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