जानिए कौन हैं हंसराज अहीर, जिन्होंने किया कोलगेट का पर्दाफाश
नई दिल्ली। कम ही लोगों को मालूम है कि भाजपा सांसद हंसराज अहीर के सघन प्रयासों के चलते कोलगेट का पर्दाफाश हुआ। आप कह सकते हैं कि अहीर ने ब्लॉक आवंटन घोटाला से पर्दा उठाया। उनकी कोशिशों के चलते सुप्रीम कोर्ट ने ज्यादातर कोल ब्लॉक्स के आवंटन रद्द करने का फैसला किया। वरिष्ठ समाज सेवी पवन धीर कहते हैं कि देश को अहीर सरीखे लोगों की जरूरत है,जो ईमानदारी से घोटालों का पर्दाफाश कर रहे हैं।

महाराष्ट्र के चंद्रपुर के वर्तमान सांसद हंसराज अहीर का जन्म नंदेड़ (महाराष्ट्र) में हुआ था। हंसराज ने महाराष्ट्र के चंद्रपुर से सीनियर सेकेंडरी की शिक्षा प्राप्त की है।
अहीर भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकरणी के सदस्य हैं। 1994 में पहली बार वे महाराष्ट्र की विधानसभा के सदस्य चुने गए। 1996 में वे लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। 2004 में दूसरी बार वे लोकसभा सदस्य के रूप में चुने गए।इस कार्यकाल में 2004 के बाद से वे कोयला एवं स्टील और कृषि समिति के सदस्य रहे। 2009 में वे तीसरी बार लोकसभा में चुने गए। 31 अगस्त 2009 को उन्हें कोयला एवं स्टील समिति का सदस्य बनाया गया। 15 मार्च 2010 को उन्हें लोक संमति समिति का सदस्य बनाया गया।
रक्तदान को प्रोत्साहित किया
राजनीति के अलावा हंसराज योग तथा रक्तदान को प्रोत्साहन देने वाली संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। आगामी लोकसभा चुनाव 2014 में वे भाजपा प्रत्याशी के रूप में चंद्रपुर से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। अहीर महाराष्ट्र की चंद्रपुर सीट की नुमाइंदगी करते हैं। उन्होंने कोल ब्लॉक्स के आवंटन पर सबसे पहले सवाल खड़े किए थे। पहले उन्होंने कोयला और स्टील पर बनी संसदीय कमिटी में यह बात उठाई और बाद में सेंट्रल विजिलेंस कमिशन (सीवीसी) के सामने।
वे कहते हैं कि 'मैं महाराष्ट्र से आता हूं, जहां कोयले का रिजर्व सबसे कम यानी कुल रिजर्व का महज 3.4 फीसदी है। इन कोल ब्लॉक्स का आवंटन किया जा रहा था। ब्लॉक्स का आवंटन बिना नीलामी के और मुफ्त में किया जा रहा था।' माइनिंग के कारण पर्यावरण को होने वाले नुकसान के कारण वह आवंटन की प्रक्रिया को लेकर काफी सचेत हो गए थे।












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