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Kishtwar Cloudburst: 65 की मौत, मलबे में दबे लोगों का रेस्क्यू जारी, 5 प्वाइंट में जानें दिन भर में क्या हुआ

Kishtwar Cloudburst Highlights: किश्तवाड़ में बादल फटने के बाद हालात एक दिन बीतने के बाद भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। चिशोती गांव में अचानक बादल फटने की वजह से बाढ़ आ गई है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद रेस्क्यू जारी है। फिलहाल फंसे हुए लोगों को निकालने का काम चल रहा। अब तक 65 लोगों के मौत की पुष्टि रेस्क्यू टीम ने कर दी है। इस आपदा की वजह से मचैल माता यात्रा को रोक दिया गया है। जन्माष्टमी का त्योहार भी अब नहीं मनाया जाएगा।

Kishtwar Cloudburst चिशोती गांव में हालात चिंताजनक

14 अगस्त, 2025 की दोपहर में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिशोती में अचानक बादल फटने की वजह से प्रलयकारी बाढ़ के हालात बन गए हैं। इस इलाके में बड़ी संख्या में मचैल माता यात्रा में शामिल श्रद्धालु भी थे। श्रद्धालुओं का अस्थायी कैंप और लंगर सहित इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है। बीजेपी नेता सुनील शर्मा ने 1200 लोगों के फंसे होने का दावा किया है।

Kishtwar Cloudburst

मृतकों की संख्या 65 तक पहुंची

अब तक 167 लोगों को जिंदा बाहर निकाले जाने की पुष्टि अधिकारियों ने की है। इनमें से 38 की हालत गंभीर है, जिन्हें इलाज के लिए रेफर किया जा रहा है। शुरुआती रिपोर्ट में 38 लोगों की मौत का दावा किया गया था, लेकिन संख्या बढ़कर 65 तक पहुंच गई है। मृतकों में दो CISF जवान भी शामिल हैं। घायलों की संख्या 100 से अधिक बताई गई है, और सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। 16 मकान और सरकारी इमारतें, तीन मंदिर, चार पनचक्की, 30 मीटर लंबा एक पुल और एक दर्जन से अधिक वाहनों के नुकसान की पुष्टि की गई है।

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NDRF और सेना बचाव और राहत में जुटी

आपदा के तुरंत बाद NDRF, SDRF, सेना, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों ने बड़े पैमाने पर बचाव ऑपरेशन शुरू किए। मोबाइल यूनिट्स, अस्पतालों और नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। सेना और एनडीआरएफ की टीम लोगों को मलबे में निकालने का अभियान लगातार चला रही है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में बदलाव, जन्माष्टमी उत्सव भी नहीं होगा

इस घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किश्तवाड़ में 'एट होम' समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। जन्माष्टमी का त्योहार भी इस हादसे की वजह से नहीं मनाया जाएगा। मचैल माता यात्रा के मार्ग पर बने शिविरों को भारी नुकसान हुआ है। यात्रा को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।

मुख्यमंत्री Omar Abdullah करेंगे घटना वाली जगह का मुआयना

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर दी जानकारी में बताया कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के बाद वह चिशोती गांव के लिए निकलेंगे और शनिवार की सुबह घटना वाली जगह पर खुद पहुंचेंगे। सीएम ने आपदा प्रभावित लोगों को हर सहायता देने का आश्वासन दिया है।

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