चीन ने एशियन गेम्स के लिए भारतीय खिलाड़ियों को नहीं दिया वीजा, किरेन रिजिजू ने दो टूक दिया जवाब
चीन में चल रहे एशियन गेम्स में हिस्सा लेने जा रहे अरुणाचल प्रदेश के खिलाड़ियों को चीन ने वीजा देने से इनकार कर दिया। चीन की इस कार्रवाई का भारत ने पलटवार किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत जातीयता के आधार पर भारतीय नागरिकों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार की निंदा करता है और इस बर्ताव को खारिज करता है। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा।

वहीं चीन की इस हरकत पर अब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मैं चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के हमारे वूशू एथलीट को 19वें एशियन गेम्स में हांगझू हिस्सा लेने जाने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया है, मैं चीन के इस बर्ताव की सख्ती से निंदा करता हूं। अरुणाचल प्रदेश कोई विवादित क्षेत्र नहीं है बल्कि भारत का अभिन्न हिस्सा है।
चीन का यह कदम पूरी तरह से अनैतिक और गैरकानूनी है। इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी को चीन की इस हरकत को देखना चाहिए। भारत के खेल मंत्री एशियन गेम्स के लिए चीन जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने दौरा रद्द कर दिया है। देश के सभी नागरिक चीन के इस गैरकानूनी कमद का पुख्ता से विरोध करते हैं और भविष्य में भी करेंगे।
किरेन रिजिजू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के सभी लोग अपनी अपनी जमीन पर और अपने देश के लोगों पर किसी भी तरह के अवैध दावे का सख्ती के साथ विरोध करते हैं। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को चीन की इस गलत कार्रवाई पर रोक लगानी चाहिए।
विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि चीन ने हमारे खिलाडि़यों को जानबूझकर चुनिंदा तरह से रोकने का काम किया है। भारत ने चीन की इस हरकत का दिल्ली और बीजिंग दोनों जगह पुरजोर विरोध किया है। हमने अपना विरोध दर्ज कराया है।












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