'बहुत शर्मिला है, दिल्ली से बाहर कभी...', परिवार-पड़ोसियों को नहीं हो रहा यकीन, शाहरुख सैफी लगा सकता है ट्रेन
Kerela Train Fire Shaheen Bagh Shahrukh Saifi: केरल ट्रेन अग्निकांड में गिरफ्तार हुए शाहीन बाग के शाहरुख सैफी के परिवार वाले और पड़ोसियों को इस बात का यकीन नहीं हो रहा है कि वो ऐसा कुछ कर सकता है।

Kerela Train Fire Shaheen Bagh Shahrukh Saifi: दिल्ली के शाहीन बाग के रहने वाले शाहरुख सैफी पर केरल के कोझिकोड मेंअलप्पुझा-कन्नूर एक्जीक्यूटिव एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगाने का आरोप है। इस मामले में केरल पुलिस ने महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्काउड के साथ मिलकर उसे 05 अप्रैल को रत्नागिरी के रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। लेकिन शाहरुख सैफी के परिवार वाले और उनके पड़ोस में रहने वाले लोगों को इस बात पर विश्वास ही नहीं हो रहा है कि सीधा-साधा दिखने वाला शाहरुख सैफी ऐसा कुछ कर सकता है।
शाहरुख सैफी के 'आरोपी' होने पर किसी को नहीं है यकीन!
दिल्ली के शाहीन बाग में रहने वाले लोगों को इस बात का यकीन नहीं हो रहा है कि शाहरुख सैफी ऐसा कुछ कर सकता है। शाहरुख सैफी के पड़ोसियों का कहना है कि वह बहुत ही सीधा-साधा और सबसे आराम से बात करने वाल लड़का है। लोगों का कहना है कि शाहरुख सैफी अपने काम से काम रखता था और स्थानीय लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करता था।
यहां तक कि शाहरुख सैफी के परिवार को भी उन पर असामाजिक प्रवृत्ति का शक नहीं था। शाहरुख सैफी 31 मार्च से लापता हुए थे। उसके लापता होने के बाद चिंतित होकर सैफी के पिता ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। 31 मार्च को सैफी गायब हुआ था और 02 अप्रैल को अलप्पुझा-कन्नूर एक्जीक्यूटिव एक्सप्रेस के एक कोच में आग लगने की घटना हुई थी।
शाहरुख सैफी के परिवार ने कहा- कई बार घर पर आई पुलिस
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक परिवार के एक सदस्य कहा, "पुलिस मंगलवार (04 अप्रैल) सुबह करीब 10 बजे यह देखने के लिए आई कि शाहरुख सैफी वहां है या नहीं। वो फिर बुधवार (05 अप्रैल) को, वे आए और हमें उसकी गिरफ्तारी के बारे में बताया, उसके कमरे की तलाशी ली और कुछ दस्तावेज ले गए।''
शाहरुख सैफी के घर पर कई बार छापा मारा गया क्योंकि केरल और दिल्ली की पुलिस ने अलप्पुझा-कन्नूर एक्जीक्यूटिव एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगाने वाले संदिग्ध आगजनी करने वाले का पीछा करते हुए यहां पहुंची थी। इस हादसे में 09 लोग झुलस गए हैं और बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी।

अपने दो छाटे भाइयों और परिवार के साथ रहता है शाहरुख सैफी
दिल्ली पुलिस ने भी शाहरुख सैफी के इतिहास को खंगालना और उसके कथित नेटवर्क का पता लगाना शुरू कर दिया है। शाहरुख सैफी अपने दो छोटे भाइयों, माता-पिता और दादी के साथ शाहीन बाग के एफसी ब्लॉक स्थित एक मकान के ग्राउंड फ्लोर पर तीन कमरों के मकान में रहता है।
शाहरुख सैफी के पिता फखरुद्दीन ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उनका बेटा दिल्ली के अलावा पहले कभी किसी अन्य राज्य में नहीं गया था। शाहरुख के परिवार को इस बात पर यकीन नहीं हो रहा है कि वह इतने गंभीर मामले में शामिल था।
पिता बोले- शाहरुख कभी दिल्ली से बाहर नहीं गया...
फखरुद्दीन ने जोर देकर कहा, "हम इस इलाके में 15 साल से रह रहे हैं और शाहरुख कभी दिल्ली से बाहर नहीं गया। मेरा बेटा बहुत शांत और शर्मीला है। परिवार के बाहर दूसरों से वह ज्यादा बातचीत भी नहीं करता है।"
गायब होने वाले दिन शाहरुख सैफी ने क्या किया?
हर सुबह शाहरुख सैफी अपने पिता के साथ नोएडा सेक्टर 31 के निठारी गांव में बढ़ई की दुकान के लिए निकलता था। पिता ने कहा, "31 मार्च को शाहरुख ने मुझसे कहा कि वह दुकान पर देर से आएगा।''
एक रिश्तेदार रसूला ने बताया कि जब शाहरुख सैफी दुकान पर नहीं आया, तो पिता ने दूसरे बेटे फारूक को फोन किया? फारूक ने बताया कि सैफी पहले ही घर से निकल गया था। इसके बाद उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया।
जब शाहरुख सैफी का परिवार तीन दिनों तक उसका पता लगाने में असमर्थ रहा, तो उन्होंने 2 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन बाद में पता चला कि उसे महाराष्ट्र के रत्नागिरी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया है। रसूला ने कहा, "हमें नहीं पता कि वह दूसरे राज्य में कैसे पहुंचा। उसने घर से कोई पैसा नहीं लिया था।"

पिता ने कहा- मेरे बेटे का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है...
फखरुद्दीन ने कहा कि शाहरुख सैफी ने बारहवीं कक्षा एक सरकारी स्कूल से पास की और फिर बढ़ई की दुकान में मेरे साथ काम करने लगा था। वह किसी समूह या पार्टी से जुड़ा नहीं था और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। और वह हमेशा सामान्य व्यवहार करता था।"
स्थानीय निवासियों ने क्या कहा?
वहीं स्थानीय निवासियों ने कहा कि उन्होंने सैफी को कभी किसी से बात करते नहीं देखा और वह अपने घर से तभी निकला जब उसे दुकान जाना होता था।
एक स्थानीय निवासी फहीम ने कहा कि वह यह सुनकर हैरान हो गए हैं कि शाहरुख सैफी को गिरफ्तार किया गया है क्योंकि वह कभी भी अन्य युवकों की तरह इधर-उधर नहीं घूमता था और न ही इलाके के अन्य लोगों के साथ ज्यादा बातचीत करता था।
एक अन्य निवासी सरफराज ने भी कहा कि शाहरुख सैफी ने 14 सालों में उनसे कभी बात नहीं की थी कि वह गली में रहते थे। कई और भी थे जिन्होंने दावा किया कि उन्होंने उन्हें कभी देखा वह, हमेशा घर में रहता था।












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