केरल में किस डे, खुलेआम किस करेंगे कपल्स

नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। कोच्चि में कल आयोजित 'किस डे' सफलतापूर्वक आयोजित किया गया तो क्या होगा। अब इस सवाल को पूछा जा रहा है कई स्तरों पर। खबर है कि हजारों कपल्‍स ने मरीन ड्राइव बीच पर होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला किया है। ये सभी कपल समुद्र तट पर खड़े होकर एक दूसरे को खुलेआम किस करेंगे।

पर पुलिस का इंकार

हालांकि पुलिस ने 'किस डे' आयोजन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि अगर कानून व्‍यवस्‍था की समस्‍या आती है तो इस पर रोक लगाया जाएगा। राजधानी में रहने वाले वरिष्ठ मलयाली लेखक राजन नायर ने कहा कि केरल का समाज तेजी से बदल रहा है। इसी समाज ने एक दौर में कम्युनिस्ट पार्टी को प्रदेश में सत्तासीन किया था। अगर इस बार वहां पर किस डे सफल रहा तो समझ लेना चाहिए कि वहां का समाज फिर बदलाव के मूड में है।

किस डे का आयोजन 'पिंक चड्डी' समूह की केरल इकाई द्वारा किया जा रहा है। गौरतलब है कि पिंक चड्डी समूह तब सामने आया था जब मंगलौर के पब में नशे में स्वच्छंद डांस करती युवक युवतियों पर हमले के बाद उसने श्रीराम सेना के नेता प्रमोद मुथालिक को गुलाबी रंग के इनर वेयर भेजे थे।

किस डे' का आयोजन क्‍यों?

वरिष्ठ लेखक अवधेश कुमार ने बताया कि राज्य के कोझिकोड स्थित एक कॉफी शॉप में कुछ दिनों पहले युवक युवतियों की आलिंगन, लिपलौक, अनवरत किसिंग सहित कई प्रकार की उत्तेजक गतिविधियों की वि़डियो एक स्‍थानीय चैनल ने दिखाई थी। इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के सदस्‍यों ने इस कॉफी शॉप में तोड़फोड़ की थी।

इसी के विरोध और प्यार को अभिव्यक्त करने की आजादी के नाम पर 'किस डे' का आयोजन करने का फैसला किया गया है। विश्व हिंदू परिषद और भारतीय जनता युवा मोर्चा ने कार्यक्रम में बाधा नहीं डालने की बात कही है। इस बीच,आयोजकों में से एक ने कहा, 'प्यार और स्नेह का अपराधीकरण बहुत बुरी बात है। कॉफी शॉप पर हमला सिर्फ एक संकेत भर है। दुर्भाग्य से यह प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है।

सोशल नेटवर्किंग साइट पर सफल अभ‍ियान

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर भी 'किस डे' के समर्थन में जबर्दस्‍त अभियान चलाया जा रहा है और इसके लिए 'किस ऑफ लव' नाम से एक पेज बनाया गया है। शॉर्ट फिल्‍ममेकर राहुल पसुपालन ने इस अभियान को अपना समर्थन दिया है। इस पेज को अभी तक 31 हजार से ज्‍यादा लाइक्‍स मिल चुके हैं। इसे पेज पर लिखा गया है, 'मोरल पुलिसिंग एक आपराधिक गतिविधि है। ज्‍यादातर राजनीतिक पार्टियां और धार्मिक संगठन ऐसा करने की कोशिश करते हैं। युवाओं के एक समूह ने साथ आकर यह जताने का फैसला किया है कि किस प्‍यार का प्रतीक है।'

पुलिस का कहना है कि हम लोगों को इकट्ठा होने से तो नहीं रोक सकते, लेकिन स्थिति बिगड़ी और ट्रैफिक की समस्‍या पैदा हुई तो हम लोगों को अरेस्‍ट करेंगे।

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