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Kerala BJP First Mayor: केरल में 45 साल बाद टूटा लेफ्ट का किला, तिरुवनंतपुरम को मिला पहल BJP मेयर

Kerala BJP First Mayor: केरल नगर निगम चुनाव (Kerala Local Body Election) में एक ऐतिहासिक मोड़ तब आया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता वीवी राजेश (VV Rajesh) ने शुक्रवार, 26 दिसंबर को तिरुवनंतपुरम के मेयर के रूप में शपथ ली।

इसके साथ ही बीजेपी ने केरल में पहली बार किसी नगर निगम पर कब्जा जमाया और राज्य की राजधानी में दशकों से चला आ रहा लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) का वर्चस्व टूट गया। नगर निगम चुनावों में BJP ने कुल 101 वार्डों में से 50 पर जीत दर्ज की थी।

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इसके बाद हुए मेयर चुनाव में वीवी राजेश को 51 वोट मिले, जिनमें एक निर्दलीय पार्षद का समर्थन भी शामिल था। LDF उम्मीदवार पी. शिवाजी को 29 वोट मिले, जबकि कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF के उम्मीदवार के. एस. सबरीनाथन को 19 वोट मिले, जिनमें से दो वोट बाद में अमान्य घोषित कर दिए गए।

"केरल की राजनीति बदलने वाला क्षण"

शपथ ग्रहण के बाद वीवी राजेश ने इसे "ऐतिहासिक पल" बताते हुए कहा कि यह बदलाव सिर्फ तिरुवनंतपुरम तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने ANI से कहा, मुझे लगता है कि तिरुवनंतपुरम में आया यह राजनीतिक बदलाव पूरे केरल की राजनीति को बदल देगा। राजेश ने भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों में किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा। हम सबको साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। 101 के 101 वार्डों में समान रूप से विकास कार्य होंगे। हमारा लक्ष्य तिरुवनंतपुरम को देश के सबसे विकसित शहरों में शामिल करना है।

45 साल बाद बदला सत्ता का समीकरण

तिरुवनंतपुरम नगर निगम में पिछले करीब 45 वर्षों से LDF का दबदबा रहा था। बीजेपी की यह जीत न सिर्फ शहरी राजनीति में पार्टी की बड़ी सफलता मानी जा रही है, बल्कि इसे विधानसभा चुनाव से पहले एक मजबूत राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

राजेश की शपथ ग्रहण समारोह में BJP के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें पार्टी के केरल अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर, पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी शामिल थे।

बीजेपी के केरल अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इस जीत के बाद लेफ्ट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, CPM ने कांग्रेस के परोक्ष समर्थन से तिरुवनंतपुरम को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। यह निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था। पिछले 45 वर्षों में बुनियादी सुविधाओं-जैसे ड्रेनेज, पानी और कचरा प्रबंधन-पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। उन्होंने दोहराया कि BJP का लक्ष्य तिरुवनंतपुरम को देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल करना है।

BJP के लिए क्यों अहम है यह जीत?

यह जीत BJP के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि पार्टी अब तक केरल में सत्ता से दूर रही है। राज्य में BJP के पास अब तक सिर्फ एक विधायक (2016 में नेमोम से ओ. राजगोपाल) और एक सांसद (2024 में त्रिशूर से सुरेश गोपी) रहा है। ऐसे में राजधानी के नगर निगम पर कब्जा पार्टी के लिए बड़ा मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक बढ़त माना जा रहा है।

मेयर पद को लेकर BJP के अंदर भी चर्चा और मतभेद सामने आए थे। पूर्व डीजीपी आर. श्रीलेखा का नाम भी दौड़ में था, लेकिन अंततः RSS के समर्थन और संगठनात्मक सहमति से वीवी राजेश के नाम पर मुहर लगी। हालांकि, राज्य के अन्य नगर निगमों में BJP को वैसी सफलता नहीं मिली। कोल्लम नगर निगम में UDF के ए. के. हफीज मेयर बने, जबकि कोच्चि में UDF की चार बार की पार्षद वी. के. मिनीमोल को मेयर चुना गया।

पीएम मोदी ने बताया "वॉटरशेड मोमेंट"

स्थानीय निकाय चुनावों में BJP की इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे "वॉटरशेड मोमेंट" बताते हुए कहा कि यह BJP कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के भरोसे का नतीजा है।

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