Kerala: केरल हाई कोर्ट ने ADM नवीन बाबू की मौत की CBI जांच की याचिका की खारिज, SIT जांच पर दिए यह निर्देश
Kerala: केरल उच्च न्यायालय ने पूर्व कन्नूर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट नवीन बाबू की मौत की सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश कौसर एडप्पागथ ने बाबू की विधवा मंजूषा द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि मामले की जांच पहले से विशेष जांच दल द्वारा की जा रही है।
एसआईटी जांच पर निगरानी के आदेश
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि कन्नूर रेंज के डीआईजी एसआईटी की जांच पर कड़ी निगरानी रखें। एसआईटी को समय-समय पर जांच प्रगति की रिपोर्ट डीआईजी को सौंपनी होगी। जांच में निष्पक्षता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए डीआईजी को अंतिम रिपोर्ट का मसौदा स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अदालत ने एसआईटी को बाबू की विधवा द्वारा उठाए गए सवालों और हत्या की संभावना की गहराई से जांच करने के निर्देश दिए।

जांच में विसंगतियों के आरोप
मंजूषा के वकील ने जांच और शव परीक्षण रिपोर्ट में कई विसंगतियों की ओर इशारा किया। उन्होंने नवीन बाबू के अंडरगारमेंट पर खून के धब्बे और फांसी के निशानों का उल्लेख किया। जो हत्या का संकेत हो सकते हैं। वकील ने दावा किया कि मौजूदा एसआईटी जांच में महत्वपूर्ण सबूतों को इकट्ठा करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया।
राज्य सरकार का पक्ष
अभियोजन महानिदेशक टीए शाजी ने अदालत को बताया कि एसआईटी मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की मांग केवल अनुमानों और राजनीतिक निष्ठाओं पर आधारित थी। अदालत ने कहा कि राजनीतिक प्रभाव की आशंका मात्र से राज्य एजेंसी से जांच को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का कोई ठोस आधार नहीं है।
मामले की पृष्ठभूमि
14 अक्टूबर 2023 को नवीन बाबू ने आत्महत्या कर ली थी। यह घटना पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पीपी दिव्या द्वारा बाबू पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद हुई थी। दिव्या ने बाबू पर पेट्रोल पंप की मंजूरी में देरी का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद दिव्या को गिरफ्तार कर लिया गया था।
हाईकोर्ट का फैसला और अपील की योजना
हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच की याचिका खारिज करते हुए मौजूदा एसआईटी जांच को जारी रखने का निर्देश दिया। मंजूषा ने अदालत के इस फैसले के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है। उन्होंने एसआईटी जांच पर भरोसा न होने की बात कहते हुए अपने कानूनी संघर्ष को जारी रखने का संकल्प जताया।
न्याय और पारदर्शिता की मांग
यह मामला प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा और उनके साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। मंजूषा की अपील और जांच में तेजी लाने की मांग, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
-
Gold Rate Today: सोने के दामों में मामूली उछाल, निवेशक हैरान, कहां पहुंचा 24, 22 और 18 कैरट का भाव? -
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
LPG Cylinder Price Today: आज बदल गए रसोई गैस के दाम? सिलेंडर बुक करने से पहले चेक करें नई रेट लिस्ट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
'शूटिंग सेट पर ले जाकर कपड़े उतरवा देते थे', सलमान खान की 'हीरोइन' का सनसनीखेज खुलासा, ऐसे बर्बाद हुआ करियर -
Bengaluru Chennai Expressway: 7 घंटे का सफर अब 3 घंटे में, एक्सप्रेसवे से बदलेगी दो शहरों की रोड कनेक्टिविटी -
VIDEO: BJP नेता माधवी लता ने एयरपोर्ट पर क्या किया जो मच गया बवाल! एयरपोर्ट अथॉरिटी से कार्रवाई की मांग -
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान












Click it and Unblock the Notifications