निपाह और कोरोना की दोहरी मार झेल रहा केरल, जानिए क्या एक व्यक्ति दोनों वायरस से हो सकता है संक्रमित?
तिरुवंतपुरिम, 05 सितंबर। कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के बीच अब केरल निपाह वायरस की दोहरी मार झेल रहा है। राज्य में निपाह से 12 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। केरल में पहले से ही कोविड के रोजाना 25 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं, इस बीच अब लोगों के मन में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या निपाह और कोरोना दोनों एक ही व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं? इस सवाल पर अब विशेषज्ञों का जवाब सामने आया है जिसे सुनकर आपको थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक केरल के डॉक्टरों ने कहा कि निपाह और कोविड -19 दोनों के संक्रमित रोगियों की संभावना कम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि निपाह दूर-दूर तक नहीं फैलता है और यह छोटे क्षेत्रों या समूहों तक ही सीमित रहता है। डॉ टी एस अनीश के अनुसार निपाह के मामलों की संख्या शायद ही कभी 50 को पार करती है। यह पहली बार नहीं है जब राज्य निपाह से जूझ रहा है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2018 और 2019 में निपाह के मामलों को पहले भी संभाल लिया था। केरल में चल रही महामारी के बीच जीका के कुछ मामले भी सामने आए हैं। जुलाई में केरल में जीका वायरस का स्थानीय स्तर पर प्रकोप देखा गया था।
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12 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद दो स्वास्थ्य कर्मियों में निपाह के लक्षण पाए गए हैं। सरकार ने पुष्टि की कि ये दोनों संक्रमित लोग उनमें शामिल थे जो निपाह से मारे गए बच्चे के टॉप 20 जोखिम वाले संपर्क में रखे गए हैं। डॉक्टरों ने कहा कि कई कारणों से फिलहाल चिंता की बात कम है। पहला, राज्य के पास 2018 और 2019 में निपाह को संभालने का पर्याप्त अनुभव है। दूसरा, कोविड के कारण पहले से ही कुछ सुरक्षात्मक उपाय हैं जैसे कि मेक और पीपीई किट पहनना, इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार ट्रांसमिशन कम होगा। बता दें कि निपाह एक ऐसा वायरस है जो जानवरों से इंसानों में और इंसान से इंसान में फैल सकता है।












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