केजरीवाल का राजनीतिक रास्ता सही नहीं : अन्ना

अन्ना ने केजरीवाल के सहयोग से वर्ष 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ इंडिया अगेंस्ट करप्शन के बैनर तले दिल्ली में आंदोलन शुरू किया था। रामलीला मैदान में 13 दिनों के उनके अनशन का असर समूचे देश पर पड़ा था। अन्ना ने कहा कि यदि टीम एकजुट रहती तो तस्वीर कुछ और ही होती।
यहां आयोजित एजेंडा आजतक कन्क्लेव में हजारे ने कहा, "जब आंदोलन संक्रांति के दौर में था तब राजनीतिक दल का रास्ता अख्तियार करना सही नहीं था।"
उन्होंने कहा, "यदि हमारी टीम मजबूत और एकजुट रहती तो देश की तस्वीर इस समय भिन्न होती।"
सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार में अपने नाम का इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ उन्होंने केजरीवाल को पत्र लिखा था।
अन्ना ने कहा कि वह 10 दिसंबर से भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की फिर से शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकपाल विधेयक को पारित कराने की मांग के समर्थन में वह छह राज्यों का दौरा कर चुके हैं।
भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान 2011 में चंदा जमा किए जाने को लेकर अदालत में दायर याचिका के बारे में पूछे जाने पर अन्ना ने कहा कि उन्होंने अदालत से कहा है कि रुपये का उनके जीवन में कोई महत्व नहीं है।
उन्होंने कहा, "मेरे पास कोई बैंक बैलेंस नहीं है। किसने पैसे जमा किए और किसने उसका इस्तेमाल किया, मैं नहीं जानता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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