केजरीवाल ने किया दूसरा वादा पूरा, बिजली के दाम हुए आधे

शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले केजरीवाल ने महालेखा परीक्षक से बिजली कंपनियों का ऑडिट कराने का भी संकेत दिया और उन कंपनियों को बुधवार तक अपनी किसी भी आपत्ति को जमा करने की मोहलत दी।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नई दर का लाभ उन परिवारों को मिलेगा, जो हर माह 400 यूनिट तक बिजली की खपत करते हैं।
उन्होंने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि उन्हें 50 फीसदी सब्सिडी मिलेगी। उन्होंने साथ ही कहा कि इस कदम का लाभ दिल्ली के 34 लाख परिवारों में से 28 लाख को मिलेगा, जो गरीब और मध्य वर्गीय परिवार हैं। बिजली की नई दर एक जनवरी से लागू होगी।
एक दिन पहले उन्होंने उन सभी परिवारों को रोजाना 667 लीटर पानी मुफ्त देने की घोषणा की थी, जिनके पास मीटर कनेक्शन हैं।
केजरीवाल ने बिजली कंपनियों का लेखापरीक्षण करवाने के लिए देश के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक शशि कांत शर्मा से भी मुलाकात की।
केजरीवाल ने कहा कि लेखापरीक्षण पर आखिरी फैसला लेने के पहले उनकी सरकार कंपनियों के जवाब का इंतजार करेगी।
उन्होंने कहा, "कल शाम तक हम यह फैसला करेंगे कि लेखापरीक्षण कराया जाए या नहीं।"
उन्होंने अनुमान लगाते हुए कहा कि बिजली की दरों में बदलाव से सरकार का खर्च 200 करोड़ रुपये बढ़ेगा, लेकिन इसमें से 140 करोड़ रुपये का भुगतान बिजली कंपनियां अपने ऊपर बकाए की एवज में करेंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications