जम्मू-कश्मीर: सीमा पर शांती पर गोलीबारी के बाद से ग्रामीण अब भी भयभीत
जम्मू। जम्मू एवं कश्मीर सीमा पर रविवार को शांति रही। एक दिन पहले पाकिस्तानी गोलीबारी में भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए थे, और कई नागरिकों को सीमा पर स्थित अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। एक अधिकारी ने कहा कि रविवार को यद्यपि गोलीबारी या गोलाबारी नहीं हुई, लेकिन भयभीत ग्रामीणों ने सांबा और कठुआ जिलों में अस्थाई शिविरों में रहने का ही फैसला किया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार शाम से अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर दो जिलों में पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन नहीं किया गया। अधिकारी ने बताया कि तकरीबन 1,400 ग्रामीणों ने शनिवार को पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा की जा रही अंधाधुंध गोलाबारी के कारण अपने घरों से दूर सुरक्षित स्थलों पर पनाह ली थी।
अभी वे कठुआ जिले के हीरानगर, चान कहत्रियां और मारन तथा सांबा जिले के रीगल और चीची माता शिविरों में शरण लिए हुए हैं। अधिकारी ने कहा कि कुछ परिवारों के पुरुष सदस्य मवेशियों को खाना खिलाने के लिए रविवार सुबह अपने गांवों में गए थे, लेकिन उन्होंने अपनी महिलाओं और बच्चों के साथ घर न लौटने का फैसला किया है। जम्मू एवं कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान ने शनिवार को गोलीबारी की थी। गोलीबारी में दो सैनिक शहीद हो गए थे, और एक महिला की मौत हो गई थी। अन्य 10 लोग घायल हो गए थे।












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