कर्नाटक चुनाव: मुस्लिम आरक्षण को लेकर छिड़ी जंग, कांग्रेस ने किया वादा सत्ता में आए तो कोटा बहाल करेंगे
Karnatala Election: मुस्लिम आरक्षण पर BJP के फैसले को पटलने का कांग्रेस ने किया वादा

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए राजनीतिक दल कोई कोर- कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। सत्ता में वापसी के लिए आतुर कांग्रेस पार्टी जनता से कई लोक लुभावने वादे कर रही है। इसी क्रम में कर्नाटक कांग्रेस ने चुनाव में मुसलमान वोटरों को लुभाने के लिए बड़ा ऐलान किया है। बोम्मई सरकार के द्वारा लिए गए फैसलो ले को पटलने का वादा उनसे कर दिया है। शिवकुमार ने कहा कर्नाटक में हमारी सरकार सत्ता में आती है तो हम चार प्रतिशत मुसलमानों को दिए जाने वाले आरक्षण को बहाल करेंगे।

कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को दोहराया कि कांग्रेस सत्ता में आने पर 4 प्रतिशत मुस्लिम कोटा बहाल करेगी। उन्होंने कहा बिना किसी जटिलता के, हमने अपनी दो लिस्ट जारी कर दी है वहीं भाजपा अभी तक अपने उम्मीदवारों की एक भी सूची जारी नहीं कर पाई है।
उन्होंने कहा जैसे ही हमारी सरकार आएगी, हम आरक्षण के मुद्दे को रद्द कर देंगे और अल्पसंख्यक हितों की रक्षा करेंगे।
याद रहे मार्च महीने में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कोटा के तहत मुसलमानों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण समाप्त करने की घोषणा की थी और उन्हें दिए जाने वाले 4 प्रतिशत कोटा अब प्रमुख वोक्कालिगा और लिंगायत समुदायों के बीच समान रूप से साझा किया जाएगा। वहीं मुसलमानों ईडब्लूएस कोटे के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ को लेने कहा हक दिया था।
कर्नाटक सीएम ने अपने इस फैसले को सुनाते हुए कहा था एक कैबिनेट उप-समिति ने कोटा श्रेणियों में बदलाव की सिफारिश की और हमने इसे किया है। मुसलमान श्रेणी 2बी के तहत आते थे और उन्हें अब ईडब्ल्यूएस कोटा के लाभ दिए जाएंगे जिसमें आर्थिक रूप से कमजारे वर्ग के ब्राह्मण, वैश्य, मुदलियार, जैन और अन्य शामिल हैं।
कर्नाटक सरकार की इस घोषणा के बाद वोक्कालिगा के पास छह प्रतिशत आरक्षण है और लिंगायत के पास ग्रुप 2 (सी) और गु्प (डी) के तहत सात प्रतिशत आरक्षण है।












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